पीलीभीत। राष्ट्रीय सहकारिता सप्ताह के अंतर्गत जोगीठेर सहकारी समिति परिसर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और सहकारी समितियों में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से एक भव्य जागरूकता एवं किसान संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष आयोजन नाबार्ड के सौजन्य से, सहकारिता विभाग तथा जिला सहकारी बैंक, पीलीभीत के आपसी समन्वय से संपन्न हुआ।
समारोह में नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक चन्द्र प्रकाश त्रिवेदी, जिला सहकारी बैंक (बरखेड़ा शाखा) के शाखा प्रबंधक, जिला सहकारी बैंक के निदेशक मंडल के सदस्य और सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों और समिति सदस्यों की उपस्थिति रही, जिन्हें प्राकृतिक खेती के महत्व, उसके पर्यावरणीय लाभ और आर्थिक फायदों के बारे में विस्तार से जागरूक किया गया। उपस्थित कृषि विशेषज्ञों और अधिकारियों ने किसानों से परंपरागत खेती की लागत घटाकर प्राकृतिक खेती अपनाने और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने का पुरजोर आह्वान किया।
इस आयोजन का एक मुख्य उद्देश्य सहकारिता के माध्यम से महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना भी रहा, जिसके तहत समिति द्वारा एक विशेष सदस्यता अभियान चलाया गया। इस अभियान के अंतर्गत मौके पर ही 10 महिला सदस्यों को समिति की आधिकारिक सदस्यता प्रदान की गई और उन्हें शेयर प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक चन्द्र प्रकाश त्रिवेदी ने कहा कि प्राकृतिक खेती को अपनाकर किसान भाई न केवल मृदा (मिट्टी) के स्वास्थ्य में सुधार कर सकते हैं, बल्कि कृषि लागत में कमी लाकर पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ा योगदान दे सकते हैं। उन्होंने सहकारिता आंदोलन को अधिक समावेशी बनाने के लिए महिलाओं की अधिकाधिक भागीदारी पर बल दिया और कहा कि महिलाओं के जुड़ने से सहकारी संस्थाएँ और अधिक प्रभावी बनेंगी।
संवाद कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने किसानों को सहकारिता की महत्ता समझाने के साथ-साथ बैंकों द्वारा उपलब्ध ऋण सुविधाओं, किसान क्रेडिट कार्ड और विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के अंतिम चरण में उपस्थित किसानों और प्रतिभागियों की कृषि व बैंकिंग से जुड़ी विभिन्न जिज्ञासाओं व शंकाओं का समाधान किया गया। अंत में, सभी उपस्थित जनों ने सहकारिता आंदोलन को ग्रामीण स्तर पर और अधिक सशक्त व गतिशील बनाने का सामूहिक संकल्प व्यक्त किया।