पीलीभीत। कलेक्ट्रेट कार्यालय में आयोजित दैनिक जनसुनवाई के दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने आमजन की समस्याओं को बेहद गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों को उनके त्वरित व समयबद्ध निस्तारण के कड़े निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य जनता की शिकायतों का पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है, जिसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इसी जनसुनवाई के दौरान ग्राम रूपपुर सैजना चक मुस्तकिल के निवासी दुर्गाप्रसाद ने अपनी शिकायत प्रस्तुत की। उन्होंने जिलाधिकारी को बताया कि बैंक ऋण की डिस्चार्ज स्लिप तहसील में जमा किए जाने के बावजूद अभी तक उनकी खतौनी से ऋण की प्रविष्टि को समाप्त नहीं किया गया है, जिससे उन्हें प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही पीड़ित ने एक अन्य दर्दनाक वाकया साझा करते हुए बताया कि तहसील परिसर में काम से आने के दौरान वहां से उनकी साइकिल भी चोरी हो गई है।
मामले की संवेदनशीलता और शिकायतकर्ता के दिव्यांग होने का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने तत्काल मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने बिना समय गंवाए जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी को जनसुनवाई कक्ष में ही तलब किया और पीड़ित बुजुर्ग को तत्काल मौके पर ही श्रवण यंत्र (कान की मशीन) उपलब्ध कराया। जिलाधिकारी की इस त्वरित कार्रवाई से कलेक्ट्रेट में मौजूद अन्य लोग भी प्रभावित हुए।
इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सदर को सख्त निर्देश जारी किए कि पीड़ित की खतौनी से ऋण प्रविष्टि समाप्त किए जाने संबंधी शिकायत का 24 घंटे के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पीड़ित बुजुर्ग को प्रशासनिक सहयोग से तत्काल एक नई साइकिल उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही पूरी की जाए, ताकि उन्हें आवागमन में कोई असुविधा न हो।