-श्री सनातन धर्म मंदिर में भागवत कथा से पूर्व निकली भव्य कलश यात्रा, 108 महिलाओं ने उठाए मंगल कलश
सितारगंज। श्री सनातन धर्म मंदिर परिसर में आज से आयोजित होने जा रहे संगीतमय श्रीमद् भागवत सप्ताह भक्ति ज्ञान महायज्ञ को लेकर पूरे क्षेत्र का माहौल पूरी तरह भक्तिमय और सनातन रंग में रंग गया है। कथा के भव्य शुभारंभ से पूर्व आज मंदिर परिसर से एक बेहद भव्य और दिव्य मंगल कलश यात्रा निकाली गई। इस कलश यात्रा में पारंपरिक परिधानों में सजी 108 सौभाग्यवती महिलाओं और बालिकाओं ने अपने सिर पर मंगल कलश धारण किए। वैदिक मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच यह कलश यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों से होते हुए वापस श्री सनातन धर्म मंदिर पहुंची, जहां सभी कलशों को पूरे विधि-विधान के साथ व्यास पीठ पर स्थापित किया गया।
पुरुषोत्तम मास में कथा श्रवण का है विशेष महत्व: पंडित श्रीरामजी महाराज
कलश स्थापना के बाद कथा व्यास पंडित श्रीरामजी महाराज ने उपस्थित जनसमुदाय को आशीर्वाद देते हुए पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) की महिमा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में पुरुषोत्तम मास का महीना अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है। इस विशेष और दुर्लभ महीने में भगवान श्रीकृष्ण के श्रीमुख से निकली श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण और स्मरण करने से मनुष्यों को करोड़ों गुना पुण्य लाभ प्राप्त होता है और सांसारिक कष्टों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस दिव्य ज्ञान यज्ञ में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा अमृत का रसपान करने और अपने जीवन को धन्य बनाने का आह्वान किया।
कलश यात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
इस भव्य धार्मिक आयोजन और कलश यात्रा को सफल बनाने में नगर के गणमान्य नागरिकों और श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस भक्तिमय यात्रा के दौरान मुख्य रूप से रोशन लाल अग्रवाल, शिवकुमार मित्तल, राजाराम सिंघल, सुरेश सिंघल, महेश मित्तल, भीमसेन गर्ग, अनिल गर्ग, सुनील गर्ग, सतीश उपाध्याय, कपिल मित्तल, विन्देश जायसवाल, जीवन बोरा और मथुरा प्रसाद तिवारी उपस्थित रहे। वहीं, महिला श्रद्धालुओं की अगुवाई करते हुए राजरानी गर्ग, लक्ष्मी सिंघल, बाला मित्तल, धर्मा देवी और संगीता मित्तल सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति ने भजनों पर झूमते हुए ठाकुर जी के जयकारे लगाए। मंदिर समिति ने बताया कि सप्ताह भर चलने वाली इस कथा में प्रतिदिन भगवान के विभिन्न अलौकिक प्रसंगों और झांकियों का सजीव मंचन भी किया जाएगा।