वाराणसी। आगामी बकरीद (ईद-उल-अजहा) के त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है। सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने और कानून व्यवस्था को मजबूत रखने के उद्देश्य से काशी जोन में पुलिस प्रशासन ने केंद्रीय बलों के साथ मिलकर सड़कों पर उतरकर फ्लैग मार्च किया। पुलिस विभाग के आला अधिकारियों के नेतृत्व में यह मार्च बेनियाबाग से शुरू होकर संवेदनशील और मुख्य बाजार इलाकों से गुजरते हुए गोदौलिया तक निकाला गया, ताकि आम जनता के बीच सुरक्षा और शांति का कड़ा संदेश दिया जा सके।

सड़कों पर नमाज़ और खुले में कुर्बानी देने पर पूरी तरह रोक

त्योहार के दौरान यातायात व्यवस्था सुचारू रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने कड़े और स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पुलिस अधिकारियों ने साफ तौर पर हिदायत दी है कि किसी भी परिस्थिति में मुख्य सड़कों या सार्वजनिक रास्तों पर बकरीद की नमाज अदा नहीं की जाएगी; नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाहों के भीतर ही संपन्न होगी। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थानों या सड़कों पर खुले में कुर्बानी देने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले हुड़दंगियों या अराजक तत्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

आरएएफ और पीएसी के जवानों ने संभाला मोर्चा, संवेदनशील इलाकों में कड़ी नजर

सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत स्थानीय पुलिस टीम के साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और प्रांतीय आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) के हथियारों से लैस जवानों ने फ्लैग मार्च में हिस्सा लिया। मिश्रित आबादी और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। सोशल मीडिया सेल को भी एक्टिव कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रामक या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली पोस्ट पर तुरंत एक्शन लिया जा सके।

विवादों के बीच 25 मई को बेनियाबाग बकरा मंडी में नगर निगम ने जड़ा था ताला

गौरतलब है कि इस बार बकरीद से पहले वाराणसी में बकरा मंडियों को लेकर प्रशासनिक सख्ती देखने को मिली है। बीते सोमवार, 25 मई को नगर निगम की टीम ने नियमों की अनदेखी और अवैध संचालन को लेकर बेनियाबाग स्थित बकरा मंडी पर बड़ी कार्रवाई करते हुए वहां ताला जड़ दिया था। इस कार्रवाई के बाद से बने माहौल और स्थानीय विरोध की संभावनाओं को देखते हुए भी पुलिस प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। पुलिस ने धर्मगुरुओं और शांति समिति (पीस कमेटी) के सदस्यों के साथ बैठक कर सभी से शांतिपूर्ण और तय गाइडलाइंस के दायरे में रहकर त्योहार मनाने की अपील की है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *