​पीलीभीत। जनपद में निराश्रित गोवंशों के चारे की संभावित किल्लत को देखते हुए अखिल भारत हिंदू महासभा ने गहरी चिंता व्यक्त की है। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को एक मांग पत्र सौंपकर पीलीभीत से बाहरी जिलों में हो रहे भूसे के अवैध और अत्यधिक परिवहन पर तत्काल प्रभावी रोक लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले महीनों में स्थानीय गौशालाओं के सामने चारे का गंभीर संकट खड़ा हो सकता है।
​हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने प्रशासन को अवगत कराया कि गेहूं की कटाई के बाद जिले में भूसे की खरीद-बिक्री बड़े पैमाने पर चल रही है। इसका फायदा उठाकर बाहरी जिलों के व्यापारी स्थानीय किसानों को अधिक रकम का लालच देकर भारी मात्रा में भूसा खरीद रहे हैं। इन भूसे को बड़े-बड़े ट्रालों और वाहनों के जरिए रात के समय जिले की सीमाओं से बाहर भेजा जा रहा है, जिसे बाद में तिगुने-चौगुने दामों पर बेचा जाता है। इस अनियंत्रित परिवहन के कारण स्थानीय स्तर पर संचालित स्थायी व अस्थायी गौशालाओं में रह रहे हजारों गोवंशों के भरण-पोषण पर सीधा खतरा मंडराने लगा है।
​संगठन ने प्रशासन के समक्ष छह सूत्रीय मांगें रखते हुए कहा कि जनपद की सीमाओं पर स्थित सभी चौकियों और थाना क्षेत्रों में विशेष निगरानी के आदेश जारी किए जाएं। बिना सक्षम अनुमति के जिले से बाहर भूसा ले जाने वाले व्यापारियों और वाहनों के खिलाफ तत्काल वैधानिक कार्रवाई की जाए और पकड़े गए भूसे को आवश्यकतानुसार स्थानीय गौशालाओं में भिजवाया जाए। इसके साथ ही उपजिलाधिकारियों, क्षेत्राधिकारियों, थाना प्रभारियों और पशुपालन विभाग की एक संयुक्त टीम बनाकर प्रभावी चेकिंग अभियान चलाने की भी मांग की गई है।
​इस दौरान युवा जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा, सर्वेश कुमार कश्यप, राहुल राठौर, कृष्णा साहनी, सुनील कुमार, चेतन श्रीवास्तव, मनोज वर्मा, यज्ञ स्वरूप, राहुल, अमित कुमार, सुनील कश्यप, प्रमोद कश्यप, गंगा प्रकाश, देवपाल, भगवान दास वर्मा और प्रकाश अग्निहोत्री सहित संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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