पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की बीसलपुर नगरपालिका परिषद में भ्रष्टाचार, अमानवीय प्रताड़ना और जबरन वसूली का एक ऐसा खौफनाक मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों को हिलाकर रख दिया है। नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) शमशेर सिंह, चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल उर्फ निक्कू, अकाउंटेंट संजीव मिश्रा और बाबू अकरम खां व यासीन मोहम्मद पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को इस कदर प्रताड़ित किया कि उसने अंततः कल शाम को डिप्रेशन में आकर आत्महत्या कर ली। पीड़ित पक्ष द्वारा कोतवाली प्रभारी निरीक्षक बीसलपुर को दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस विभाग के एकीकृत जाँच फ़ार्म (I.I.F.-I) में इन सभी पांचों रसूखदारों को नामजद कर गंभीर धाराओं में तफ्तीश शुरू कर दी गई है।


​23 लाख की जबरन रिकवरी और जेल भेजने का खेल:
पूरा मामला बीसलपुर नगरपालिका में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी उपेन्द्र कुमार (51 वर्ष) से जुड़ा है, जो 17 फरवरी 2004 से यहाँ कार्यरत थे। सितम्बर 2025 में उन पर गबन का कथित आरोप लगाकर निलंबित कर दिया गया था। प्रार्थी अनुराग शर्मा द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, मुकदमे के दौरान उपेन्द्र कुमार पर जबरन 23 लाख रुपये की रिकवरी निकाल दी गई। पीड़ित कर्मचारी ने किसी तरह 6 अक्टूबर 2025 को 17 लाख रुपये और 29 सितम्बर 2025 को 6 लाख रुपये नगर पालिका परिषद बीसलपुर के आईसीआईसीआई बैंक खाता संख्या- 32100550073 में जमा भी करा दिए। इसके बावजूद आरोपियों ने उन्हें संरक्षण देने के बजाय जबरन जेल भिजवा दिया।


​गुपचुप जगह ले जाकर पीटा, चेयरमैन प्रतिनिधि पर पेशाब पिलाने का आरोप:
तहरीर में लगाए गए आरोप रोंगटे खड़े करने वाले हैं। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब उपेन्द्र कुमार ने इस संबंध में ईओ शमशेर सिंह और चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल उर्फ निक्कू से बात की, तो दोनों ने मिलकर कर्मचारी को एक गुप्त जगह पर बुलाया। वहाँ उपेन्द्र कुमार को अत्यधिक रूप से पीटा गया और अमानवीयता की सारी हदें पार करते हुए चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल द्वारा उन्हें पेशाब पिलाया गया। इस बर्बरता की मौखिक जानकारी पीड़ित ने फोन पर अपने परिजनों को दी, जिसके बाद पूरा परिवार दहशत में आ गया।


​अधिकारियों और कोर्ट के नाम पर 19 लाख की रिश्वतखोरी:
परिजनों द्वारा आरोपियों से संपर्क करने पर ईओ शमशेर सिंह और चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल ने कोर्ट में पक्ष में बयान देने तथा एसडीएम व एडीएम को मैनेज करने के नाम पर 30 लाख रुपये की और मांग की। ईओ ने कथित तौर पर कहा कि उसे एसडीएम और एडीएम सबको पैसा देना होता है। प्रार्थी के भाई ने अपनी पत्नी के जेवर बेचकर, लोन लेकर और बैंक ऑफ बड़ौदा बीसलपुर के दो चेक देकर पांच बार में कुल 19 लाख रुपये ईओ शमशेर सिंह के कटरा बाजार स्थित आवास (फर्नीचर हाउस के पास) पर जाकर दिए। इसमें से 8 लाख रुपये अमन जायसवाल और एडीएम पीलीभीत को देने की बात कही गई थी। लेकिन पैसे लेने के बाद भी न तो अधिकारी कोर्ट में बयान देने आए और न ही उनका वकील आया।


​सत्ता और रसूख की धौंस, पहले भी एक जेई को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप:

जब पीड़ित ने अपनी कई तारीखें पड़ने के बाद अपने दिए गए दो चेक और 18 लाख रुपये वापस मांगे, तो ईओ शमशेर सिंह ने गाली-गलौज करते हुए उन्हें बेइज्जत कर भगा दिया। ईओ ने धौंस देते हुए कहा कि पैसा चेयरमैन प्रतिनिधि अमन जायसवाल को देना होता है और यहाँ से भाग जाओ। उसने अपनी राजनीतिक हनक दिखाते हुए कहा कि सांसद और राज्यमंत्री उनके बहुत खास हैं। ईओ ने यह भी शेखी बघारी कि जब वह डिबाई (बुलंदशहर) में ईओ थे, तब उनकी प्रताड़ना से तंग आकर एक जेई (J.E.) ने आत्महत्या कर ली थी, लेकिन उनका कुछ नहीं बिगड़ा, क्योंकि प्रदेश में और बीसलपुर नगर पालिका में भाजपा की सरकार और चेयरमैन हैं, इसलिए वे पैसे के लेनदेन की चिंता नहीं करते। इस दौरान बाबू अकरम खां, यासीन मोहम्मद और अकाउंटेंट संजीव मिश्रा लगातार पीड़ित कर्मचारी को डरा-धमकाकर चुप बैठने का दबाव बनाते रहे।


​लाचारी में बेची 20 बीघा जमीन, डिप्रेशन में आकर गंवाई जान:
लगातार मिल रही धमकियों और आरसी (रिकवरी सर्टिफिकेट) कटने के डर से बचने के लिए आरोपियों के दबाव में आकर पीड़ित कर्मचारी ने अपनी पत्नी के नाम पर दर्ज ग्राम रजपुरी (तहसील तिलहर, शाहजहांपुर) में स्थित 20 बीघा जमीन को आनन-फानन में बेच दिया। रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2004 से 2025 तक हुए हर साल के ऑडिट में उपेन्द्र कुमार पर एक रुपये के भी गबन का आरोप सिद्ध नहीं हुआ था और वे बेहद ईमानदार कर्मचारी माने जाते थे। लेकिन इस चौतरफा उत्पीड़न, मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के कारण उपेन्द्र कुमार गहरे डिप्रेशन में चले गए। आखिरकार कल दिनांक 13 जुलाई 2026 की बीते शाम करीब 5:30 बजे उन्होंने आरोपियों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर ली। प्रार्थी ने पुलिस से गुहार लगाई है कि इन सभी नामजद अधिकारियों और चेयरमैन प्रतिनिधि के खिलाफ कड़ी धाराओं में मुकदमा चलाकर उन्हें न्याय दिया जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है।

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