​पीलीभीत। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रादेशिक आवाहन पर आज पीलीभीत में पार्टी कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष अमित मिश्रा के नेतृत्व एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष व जिला प्रभारी एडवोकेट सुनीता गंगवार की उपस्थिति में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने देश के युवाओं की मांगों और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के साथ हुए पुलिस दुर्व्यवहार के विरोध में राष्ट्रपति को सम्बोधित एक ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट विजयवर्धन तोमर को सौंपा।


​आप नेताओं ने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य और लोकतंत्र के साथ हो रहे खिलवाड़ पर वर्तमान सरकार पूरी तरह मौन है। उन्होंने बताया कि शिक्षाविद सोनम वांगचुक पिछले 21 दिनों से जंतर-मंतर पर इस मांग को लेकर अनशन पर थे कि नीट पेपर लीक मामले के कारण मानसिक तनाव झेल रहे छात्रों को न्याय मिले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। अपनी जान की परवाह न करते हुए वह उन करोड़ों युवाओं की आवाज़ उठा रहे थे, जिनका भविष्य लगातार हो रही पेपर लीक जैसी घटनाओं की वजह से बर्बाद हो गया है। पार्टी ने दुख जताते हुए कहा कि 21 दिनों के लंबे संघर्ष के बाद भी भारत सरकार और प्रधानमंत्री ने उनसे बात करना तो दूर, उनके लिए एक ट्वीट तक नहीं किया।


​पार्टी पदाधिकारियों ने 18 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुई घटना को लोकतंत्र के लिए काला दिन करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि अचानक भारी पुलिस बल ने जंतर-मंतर को घेरकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं पर लाठीचार्ज किया। साथ ही, 21 दिनों के अनशन के कारण शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन उठाकर अस्पताल में भर्ती करा दिया। यह कार्रवाई केवल इसलिए की गई क्योंकि आज 20 जुलाई को संसद सत्र शुरू होने पर उन्होंने जनता और युवाओं के साथ ‘संसद मार्च’ की घोषणा की थी। इस लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाया गया और कार्यकर्ता अभिजीत दीपके को भी हिरासत में ले लिया गया।
​राष्ट्रपति को भेजे गए ज्ञापन के माध्यम से आम आदमी पार्टी ने प्रमुख रूप से चार मांगें उठाई हैं। इसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तुरंत इस्तीफा लेने, सोनम वांगचुक और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज व जबरन कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने, पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून बनाने व युवाओं के लिए रोजगार के पक्के अवसर सुनिश्चित करने हेतु ठोस नीतियां बनाने तथा जंतर-मंतर जैसी जगहों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा करने की मांग शामिल है। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति से संविधान की रक्षक के तौर पर इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने का निवेदन किया है।


​इस विरोध प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला महासचिव एड. संजय कुमार, जिला अध्यक्ष पंचायत प्रकोष्ठ विनोद कुमार भारती, एससी/एसटी प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष राम सिंह सोनकर, युवा प्रकोष्ठ के महासचिव मनोज भारती, श्रेयांस पांडेय, वहीद अहमद, दीपक सोनकर, राधेश्याम, बबलू मिश्रा, ननहेबाबू, धर्मपाल वर्मा, अरुण सोनकर, रचित सोनकर, राजेश सोनकर, विशाल, गंगाचरण गंगवार, हरिराम गंगवार, रामरतन गंगवार, खेमकरण गंगवार, ब्रह्मानन्द गंगवार, चंद्रभान गंगवार, हेमेंद्र गंगवार, राजवीर गंगवार, विजय गंगवार, सतेंद्र गंगवार, सतीश, श्यामवीर, मिलन वाल्मीकि सहित सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi