सितारगंज। कर्नाटक के कलबुर्गी निवासी एक व्यक्ति से कथित ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में 85 हजार रुपये से अधिक की रकम सितारगंज क्षेत्र के एक बैंक खाते में पहुंचने का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, बैंक स्टेटमेंट में रकम जमा होने के बाद उसी दिन खाते से ATM और POS के माध्यम से कई निकासी दर्ज मिलीं। मामले में खाताधारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, जबकि रकम निकालने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है।
साइबर सेल के अलर्ट के बाद जांच
उपलब्ध शिकायत अभिलेखों के अनुसार, कर्नाटक के कलबुर्गी सिटी निवासी इमरान अहमद ने कुल 85,353 रुपये की ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में लगभग 85 हजार रुपये के UPI लेनदेन का विवरण भी दर्ज था।
एसटीएफ देहरादून और साइबर सेल से प्राप्त ATM फ्रॉड अलर्ट में खटीमा रोड, सितारगंज में अल्मोड़ा अर्बन बैंक के निकट स्थित ATM की लोकेशन का उल्लेख किया गया था। 15 अक्टूबर को हुए लेनदेन के संबंध में 50 हजार रुपये की विवादित निकासी का भी जिक्र था।
इसके बाद NCRP पोर्टल पर दर्ज शिकायत की जांच कोतवाली सितारगंज को सौंपी गई।
बैंक खाते में जमा हुई रकम के बाद कई निकासी
जांच में सामने आए बैंक स्टेटमेंट के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 को साइबर धोखाधड़ी से संबंधित करीब 85 हजार रुपये बैंक ऑफ महाराष्ट्र के एक खाते में UPI के माध्यम से जमा हुए। यह खाता नानकमत्ता क्षेत्र के गांव बिरिया भूड़ निवासी रंजीत सिंह के नाम पर दर्ज बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, रकम जमा होने के बाद उसी दिन खाते से ATM और POS के माध्यम से कई बार निकासी दर्ज की गई। इनमें 10-10 हजार रुपये की कई निकासी भी शामिल थीं। इस संबंध में पुलिस जांच कर रही है।
खाताधारक के खिलाफ प्राथमिकी, जांच जारी
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एएसआई सुरेंद्र सिंह दानू ने 17 अक्टूबर को शिकायत अभिलेखों, बैंक स्टेटमेंट और ATM अलर्ट के आधार पर जांच रिपोर्ट तैयार की थी। इसके बाद मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) सहित संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।
सीओ डीआर वर्मा के अनुसार, खाताधारक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। ATM से रकम निकालने वाले व्यक्ति की पहचान की जा रही है और मामले की विवेचना जारी है।
पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कथित धोखाधड़ी में किन लोगों की क्या भूमिका थी।