लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 18 फरवरी से 12 मार्च 2026 के बीच होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को लेकर राज्य सरकार ने कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा की शुचिता से समझौता किए बिना छात्रों की सुविधाओं और गरिमा का पूरा ख्याल रखा जाएगा।
जूते-मोजे उतारने की जरूरत नहीं: अब बोर्ड परीक्षा के दौरान छात्रों के जूते-मोजे उतरवाकर उन्हें परेशान नहीं किया जाएगा। जाँच की प्रक्रिया केवल परीक्षा केंद्र के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही पूरी कर ली जाएगी।

छात्राओं की गरिमा का सम्मान: छात्राओं की तलाशी केवल महिला शिक्षिकाएं ही लेंगी। पुरुष शिक्षकों द्वारा छात्राओं की तलाशी लेने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।

हाईटेक निगरानी: परीक्षा केंद्रों पर लगे CCTV कैमरों और वॉयस रिकॉर्डर्स की सघन जांच की जाएगी। यदि कोई कैमरा खराब पाया जाता है, तो इसकी सूचना तुरंत DIOS (जिला विद्यालय निरीक्षक) और कंट्रोल रूम को देना अनिवार्य होगा।

प्रशासनिक मुस्तैदी: राज्य सरकार ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश भेजकर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने को कहा है।

परीक्षा का समय: UP बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। 

नकल रोकने के लिए ‘फुलप्रूफ’ प्लान

सरकार ने साफ कर दिया है कि परीक्षा केंद्रों पर ‘वॉयस रिकॉर्डर’ युक्त CCTV कैमरों से लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि नकल विहीन परीक्षा संपन्न कराई जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2026 Adhunik Duniya | Owned by Akash Singh | Maintained by Lalit Rastogi