नई दिल्ली: भारत की विदेश नीति और वैश्विक रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने के उद्देश्य से विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर आज से अपनी महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना हो रहे हैं। डॉ. जयशंकर आज से लेकर 10 जुलाई तक खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) के चार प्रमुख देशों—कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान की आधिकारिक सरकारी यात्रा पर रहेंगे।
खाड़ी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मिलेगी नई धार
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस विस्तृत दौरे के दौरान डॉ. जयशंकर कतर, बहरीन, कुवैत और ओमान के विदेश मंत्रियों और शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे।
- प्रमुख एजेंडा: इन मित्र देशों के साथ भारत के द्विपक्षीय (Bilatral) संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ बनाना।
- क्षेत्रीय मुद्दे: बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा सुरक्षा और पारस्परिक हित के समसामयिक घटनाक्रमों पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के लिए न्यूयॉर्क में बिगुल फूंकेंगे भारत
ओमान की यात्रा का समापन करने के बाद, विदेश मंत्री सीधे अमेरिका के लिए रवाना होंगे। 13 जुलाई को न्यूयॉर्क में डॉ. एस. जयशंकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के 2028-29 कार्यकाल के लिए भारत की अस्थायी सदस्यता के आधिकारिक अभियान (Campaign) की शुरुआत करेंगे। वैश्विक मंच पर भारत की स्थायी और अस्थायी दावेदारी के लिहाज से यह बेहद महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यूरोपीय संघ (EU) के साथ व्यापार और तकनीक पर मंथन
अमेरिका दौरे के तुरंत बाद, विदेश मंत्री यूरोप का रुख करेंगे। वे 14 और 15 जुलाई को ब्रुसेल्स (बेल्जियम) में आयोजित होने वाली तीसरी भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (India-EU Trade and Technology Council – TTC) की बैठक में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे यूरोपीय संघ और बेल्जियम के विदेश मंत्रियों के साथ विशेष द्विपक्षीय वार्ता भी करेंगे, जिसमें आधुनिक तकनीक, सुरक्षित व्यापार और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।