पीलीभीत। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य पुष्पा पाण्डेय ने शुक्रवार को न्यूरिया क्षेत्र की महोफ कॉलोनी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने पिछले दिनों वन्यजीव के हमले में जान गंवाने वाली महिला के पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और घटना की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के अभाव और बदहाली का मंजर देख उन्होंने नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मृतक महिला के परिजनों ने सदस्य पुष्पा पाण्डेय को बताया कि पड़ोस की कॉलोनी में स्थित श्मशान घाट पर प्रतिवर्ष भंडारे का आयोजन होता है। महिला वहां पूजा-अर्चना के लिए गई थी, तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे वन्यजीव ने अचानक हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला आयोग सदस्य ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए आश्वासन दिया कि उन्हें ‘दैवीय आपदा राहत योजना’ के अंतर्गत जल्द से जल्द 4 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता राशि दिलाई जाएगी।
दौरे के दौरान पुष्पा पाण्डेय ने कॉलोनी के उन 6 परिवारों से भी वार्ता की, जो आज के दौर में भी समस्त सरकारी सेवाओं से पूरी तरह वंचित हैं। जांच में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि ये परिवार आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इसके अलावा, इन घरों की पानी की लाइन काट दी गई है और यहां बिजली की भी कोई व्यवस्था नहीं है। मूलभूत आवश्यकताओं से वंचित इन परिवारों की व्यथा सुन महिला आयोग सदस्य ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मौके पर ही अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन परिवारों को तत्काल सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए और क्षेत्र में वन्यजीवों की रोकथाम के लिए तारकशी (फेंसिंग) कराई जाए।
इस अवसर पर उनके साथ वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासिका तृप्ति मिश्रा, राजस्व विभाग के कर्मचारी और पुलिस टीम मौजूद रही। सदस्य ने स्पष्ट किया कि महिलाओं और उनके परिवारों की सुरक्षा व सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।