लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की किल्लत को लेकर फैल रही अफवाहों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बेहद गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद प्रदेश का प्रशासनिक अमला ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। गुरुवार को लखनऊ समेत प्रदेश के कई बड़े शहरों में जिला प्रशासन और पुलिस की टीमों ने पेट्रोल पंपों, गैस गोदामों और दुकानों पर ताबड़तोड़ निरीक्षण और छापेमारी की।

अफवाह फैलाने वालों और जमाखोरों पर नकेल

राजधानी लखनऊ के अलावा नोएडा, कानपुर और प्रयागराज जैसे बड़े महानगरों में जिलाधिकारी (DM) और पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर टीमें फील्ड पर उतरीं। जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं कोई कृत्रिम किल्लत (Artificial Scarcity) पैदा कर कालाबाजारी तो नहीं कर रहा है। अधिकारियों ने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तेल की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आनी चाहिए।

पैनिक बाइंग रोकने की कोशिश

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आम जनता से भी संवाद किया और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश में ईंधन और गैस का पर्याप्त भंडार मौजूद है। सोशल मीडिया पर फैल रही किल्लत की खबरें महज अफवाह हैं। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या संस्था गलत जानकारी फैलाकर जनता के बीच डर का माहौल पैदा करेगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रमुख शहरों का हाल:

  • लखनऊ: हजरतगंज और रिंग रोड स्थित प्रमुख पेट्रोल पंपों पर सप्लाई की जांच हुई।
  • नोएडा: सेक्टर-62 और ग्रेटर नोएडा में गैस एजेंसियों के गोदामों का स्टॉक चेक किया गया।
  • कानपुर: मुख्य चौराहों और पंपों पर पुलिस बल तैनात रहा ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।

प्रशासन की अपील:

जिला प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे पैनिक बाइंग (घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी) न करें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। सभी गैस एजेंसियों और पेट्रोल पंपों को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।

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