रुद्रपुर। बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और युवाओं को ऑनलाइन ठगी से बचाने के उद्देश्य से ऊधमसिंह नगर पुलिस ने शुक्रवार को एमेनेटी कॉलेज, काशीपुर रोड, रुद्रपुर में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में 400 से अधिक छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति के निर्देशन में चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक नगर, रुद्रपुर ने किया। विद्यार्थियों को वर्तमान समय में सामने आ रहे साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और अपनी निजी व बैंकिंग जानकारी सुरक्षित रखने के लिए जागरूक किया गया।
डिजिटल अरेस्ट और ओटीपी फ्रॉड से बचने के बताए तरीके
कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, ओटीपी फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी और सोशल मीडिया से जुड़े साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से बताया गया।
पुलिस ने विद्यार्थियों को समझाया कि साइबर अपराधी अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनकी व्यक्तिगत और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं। ऐसे में किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, पासवर्ड या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचना चाहिए।
विद्यार्थियों को विशेष रूप से डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराने और कानूनी कार्रवाई का भय दिखाकर पैसे मांगने वाले ठगों से सतर्क रहने की सलाह दी गई।

साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है, तो उसे बिना देर किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। इसके अलावा आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
पुलिस ने विद्यार्थियों से साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी अपने परिवार और आसपास के लोगों तक पहुंचाने की अपील की, ताकि अधिक से अधिक लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाया जा सके।

साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस प्रतिबद्ध
ऊधमसिंह नगर पुलिस के अनुसार, एसएसपी अजय गणपति के निर्देशन में जिलेभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और युवाओं सहित आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस का उद्देश्य लोगों को साइबर ठगी के नए तरीकों की जानकारी देकर उन्हें सतर्क बनाना और ऑनलाइन अपराधों से होने वाले नुकसान को कम करना है।