रुद्रपुर | उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर जनपद के रुद्रपुर से साइबर अपराध का एक बेहद हैरान और डराने वाला मामला सामने आया है। यहाँ कौशल्या इंक्लेव के रहने वाले एक व्यक्ति के मोबाइल फोन में एक जाली और संदिग्ध एप्लीकेशन क्या डाउनलोड हुई, शातिर साइबर ठगों ने उनके तीन अलग-अलग सरकारी बैंकों के खातों में सेंध लगाकर करीब 2.95 लाख रुपये पार कर दिए। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ित के मोबाइल पर इस भारी-भरकम निकासी का न तो कोई मैसेज आया और न ही कोई ओटीपी (OTP) अलर्ट मिला। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ई-मेल चेक करते ही उड़ा होश, एक के बाद एक तीन खाते खाली

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार, कौशल्या इंक्लेव निवासी पीड़ित राकेश काण्डपाल ने बताया कि बीती 22 मई 2026 को दोपहर करीब 3:00 बजे उन्होंने अपने मोबाइल पर रूटीन ई-मेल चेक की। इस दौरान उन्हें भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से 70 हजार रुपये की एक संदिग्ध ट्रांजेक्शन संबंधी मेल दिखाई दी। अनहोनी की आशंका होने पर जब राकेश ने तुरंत अपने एसबीआई खाते का बैलेंस चेक किया, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई; खाते से 98,542 रुपये साफ हो चुके थे।

शक गहराने पर राकेश ने जब अपने अन्य बैंक खातों की पासबुक और डिजिटल स्टेटमेंट खंगाली, तो ठगों का बड़ा खेल सामने आया। साइबर अपराधियों ने उनके बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) के खाते से 97,583 रुपये तथा पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खाते से 98,423 रुपये की अनधिकृत निकासी कर ली थी। ठगों ने तीनों खातों से कुल 2,94,548 रुपये की डिजिटल डकैती डाली।

फोन में छिपी थी जाली ‘Google Video’ ऐप, हैक था पूरा सिस्टम

पीड़ित राकेश काण्डपाल ने बताया कि ठगी के दौरान उनके मोबाइल पर कोई मैसेज अलर्ट नहीं आया। जब उन्होंने तकनीकी रूप से अपने मोबाइल की बारीकी से जांच की, तो फोन के भीतर “गूगल वीडियो” नामक एक अज्ञात और संदिग्ध एप्लीकेशन (APK फाइल) बैकग्राउंड में डाउनलोड मिली। इस ऐप के इंस्टॉल होते ही उनका पूरा फोन बुरी तरह हैंग होने लगा था और बेहद धीमा काम कर रहा था।

वास्तव में, साइबर अपराधियों ने इस मैलवेयर ऐप के जरिए राकेश के पूरे स्मार्टफोन का रिमोट एक्सेस (अनधिकृत नियंत्रण) अपने हाथ में ले लिया था, जिससे बैंक से आने वाले सभी मैसेज सीधे ठगों के पास जा रहे थे और पीड़ित को भनक तक नहीं लगी। शातिरों ने उनके एचडीएफसी (HDFC) बैंक खाते से भी पैसे उड़ाने की कोशिश की थी, लेकिन उस बैंक के मजबूत सुरक्षा चक्र के कारण वे नाकाम रहे।

नए कानून की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज, सुरेन्द्र सिंह संभालेंगे जांच

गाढ़ी कमाई डूबने के बाद पीड़ित ने तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और रुद्रपुर कोतवाली पुलिस को लिखित तहरीर देकर न्याय व धनराशि वापस दिलाने की गुहार लगाई। पुलिस ने मामले की गंभीरता और तकनीकी फ्रॉड को देखते हुए अज्ञात साइबर अपराधी के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि इस हाईटेक केस की विस्तृत और वैज्ञानिक जांच उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह रिंगवाल को सौंपी गई है, जो मोबाइल के डिजिटल फुटप्रिंट्स और बैंक खातों की ट्रेल खंगाल रहे हैं।


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