लखनऊ/आगरा। उत्तर प्रदेश में नकली और प्रतिबंधित दवाओं के काले कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए योगी सरकार ने ‘ऑपरेशन क्लीन मेडिसिन’ के तहत एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने आगरा में एक विशाल छापेमारी अभियान चलाकर करीब 3.63 करोड़ रुपये मूल्य की नकली, एक्सपायर्ड और सरकारी सप्लाई की दवाएं जब्त की हैं। इस ऐतिहासिक कार्रवाई से प्रदेश के दवा माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

25 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीम ने दी दबिश
इस बेहद गोपनीय और बड़े ऑपरेशन को सफल बनाने के लिए विभाग द्वारा 25 ड्रग इंस्पेक्टरों की एक विशेष टीम तैयार की गई थी। इस संयुक्त टीम ने आगरा के कई संदेहास्पद ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की। जांच के दौरान भारी मात्रा में ऐसी दवाएं मिलीं जिनकी मियाद (Expiry Date) खत्म हो चुकी थी, लेकिन उन्हें दोबारा मार्केट में खपाने की तैयारी थी। इसके साथ ही केवल सरकारी अस्पतालों के लिए आरक्षित ‘सरकारी सप्लाई’ की दवाएं भी इन निजी अड्डों से बरामद की गईं।

8 अवैध गोदाम सील, 6 एफआईआर दर्ज
औषधि प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान आगरा में 8 अवैध दवा गोदामों को सील कर दिया गया है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि इनमें से कई गोदामों में दवा का कारोबार उन लाइसेंसों पर धड़ल्ले से चल रहा था, जिन्हें विभाग पहले ही निरस्त (Cancel) कर चुका था। नियमों की धज्जियां उड़ाकर इंसानी जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले इन कारोबारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए 6 एफआईआर (FIR) दर्ज की गई हैं।

संदेह के घेरे में कई बड़े दवा कारोबारी
योगी सरकार की इस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई कार्रवाई के बाद आगरा और आसपास के जिलों के कई संदिग्ध दवा व्यापारी अब पुलिस और एसटीएफ (STF) के रडार पर हैं। विभाग अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रहा है कि एक्सपायर्ड दवाओं की यह अवैध सप्लाई कहाँ से आ रही थी और सरकारी अस्पतालों की दवाएं इन निजी गोदामों तक कैसे पहुँचीं। प्रशासन का कहना है कि इस रैकेट में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


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