मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में एक दलित युवती के कथित अपहरण का मामला लगातार गरमाता जा रहा है। दो दिन बीत जाने के बाद भी लापता युवती का कोई सुराग न मिलने से स्थानीय लोगों और पीड़ित परिवार में भारी आक्रोश है। इसी बीच पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक पंकज मलिक को पुलिस ने बीच रास्ते में ही रोक दिया, जिसके बाद विधायक और क्षेत्राधिकारी (CO) के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
दो दिन से लापता युवती, पुलिस के हाथ खाली
यह पूरा मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है, जहाँ दो दिन पहले एक दलित युवती का संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण कर लिया गया था। परिजनों की शिकायत के बावजूद पुलिस अब तक युवती को सकुशल बरामद करने या आरोपियों का सुराग लगाने में नाकाम रही है। युवती का पता न चलने से नाराज परिजनों और समाज के लोगों में सुरक्षा को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।
सपा विधायक को पुलिस ने रोका, सीओ से हुई नोकझोंक
मामले की गंभीरता को देखते हुए समाजवादी पार्टी के स्थानीय विधायक पंकज मलिक पीड़ित परिवार ढाढस बंधाने और घटना की जानकारी लेने के लिए उनके घर रवाना हुए थे। कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस बल ने विधायक को रास्ते में ही रोक दिया। विधायक को रोके जाने पर सपा कार्यकर्ता बिफर गए और मौके पर तैनात क्षेत्राधिकारी (सीओ) व पुलिस टीम के साथ विधायक पंकज मलिक की तीखी नोकझोंक हुई।
विधायक ने दिया हर संभव मदद का आश्वासन
काफी हंगामे और बहस के बाद विधायक ने पीड़ित परिवार से संपर्क साधा और उन्हें इस लड़ाई में हर संभव विधिक व सामाजिक मदद देने का पूरा भरोसा दिलाया। विधायक ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही दलित युवती को सकुशल बरामद नहीं किया गया, तो समाजवादी पार्टी सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी। वहीं, सिविल लाइन पुलिस का कहना है कि टीमें गठित कर दी गई हैं और संदिग्धों से पूछताछ के साथ युवती की तलाश की जा रही है।