पीलीभीत। जनपद के थाना न्यूरिया क्षेत्र अंतर्गत महोफ वन रेंज में बुधवार सुबह एक ६५ वर्षीय बुजुर्ग महिला का क्षत-विक्षत शव मिलने से सनसनी फैल गई। आशंका जताई जा रही है कि मंगलवार शाम लकड़ी बीनने गई महिला पर किसी हिंसक वन्यजीव ने हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद से महोफ कॉलोनी और आसपास के सीमावर्ती गांवों में दहशत का माहौल है।
घर से महज २०० मीटर दूर मिला क्षत-विक्षत शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महोफ कॉलोनी निवासी पारुल (६५ वर्ष) पत्नी सुकुमार राय मंगलवार दोपहर जंगल में सूखी लकड़ियां बीनने गई थीं। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटीं, तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की और पुलिस को सूचना दी। बुधवार सुबह करीब ७:३० बजे ग्रामीणों ने कॉलोनी से महज २०० मीटर दूर बग्गा बीट के जंगल में महिला का शव देखा। शव की हालत अत्यंत वीभत्स थी; महिला के गले और पेट का मांस गायब था और शरीर पर गहरे घाव के निशान थे। घटनास्थल पर टूटी हुई झाड़ियां इस बात की गवाह थीं कि वृद्धा ने जान बचाने के लिए वन्यजीव से कड़ा संघर्ष किया होगा।
वन विभाग और पुलिस मौके पर, जांच शुरू
घटना की सूचना मिलते ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) के अधिकारियों और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश और भय है कि पिछले कई दिनों से इलाके में बाघ की हलचल देखी जा रही थी। हालांकि, वन विभाग का कहना है कि मौके पर फिलहाल बाघ के पंजों के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं, लेकिन चोटों की प्रकृति वन्यजीव के हमले की ही पुष्टि कर रही है।
अधिकारियों का वक्तव्य और सावधानी की अपील
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह वन्यजीव हमला प्रतीत होता है, परंतु मौत के सटीक कारणों और जानवर की प्रजाति की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और ट्रैकिंग के बाद ही हो पाएगी। उन्होंने बताया कि वन विभाग ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है। साथ ही ग्रामीणों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे अकेले जंगल की ओर न जाएं और विशेष रूप से सुबह व शाम के समय अत्यधिक सतर्कता बरतें।