महराजगंज। उत्तर प्रदेश के महराजगंज जनपद अंतर्गत सिंदुरिया थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने बाल यौन शोषण सामग्री (CSAM) के ऑनलाइन अवैध व्यापार में लिप्त एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस टीम ने जाल बिछाकर सिंदुरिया थाना क्षेत्र के कसमरिया गांव से 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो इंटरनेट के माध्यम से मासूम बच्चों से जुड़े बेहद आपत्तिजनक व प्रतिबंधित वीडियो और तस्वीरों की खरीद-फरोख्त कर रहे थे। पुलिस ने इनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए हैं।
टेलीग्राम और एक्स (X) पर फर्जी आईडी बनाकर करते थे ऑनलाइन वसूली
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम और एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर फर्जी और बेनामी प्रोफाइल बनाकर इस घिनौने सिंडिकेट को संचालित कर रहे थे। यह गैंग ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए पहले प्रतिबंधित चाइल्ड पोर्न कंटेंट के छोटे वीडियो सैंपल भेजता था। इसके बाद, पूरा वीडियो या लिंक साझा करने के एवज में ग्राहकों से डिजिटल पेमेंट मोड के जरिए 290 रुपये से लेकर 499 रुपये तक की ऑनलाइन अवैध वसूली करता था। इस गिरोह के निशाने पर देश भर के सैकड़ों इंटरनेट उपभोक्ता थे, जिनसे यह लोग लगातार मोटी रकम वसूल रहे थे।
कंप्यूटर, चार मोबाइल और आपत्तिजनक फोटो के स्क्रीनशॉट जब्त
सिंदुरिया थाना क्षेत्र के कसमरिया गांव में हुई इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से अपराध में इस्तेमाल होने वाले 4 हाई-टेक मोबाइल फोन, एक पर्सनल कंप्यूटर (सीपीयू और मॉनिटर सहित) और कई अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल स्टोरेज डिवाइस बरामद की हैं। इसके अतिरिक्त, तकनीकी जांच के दौरान पुलिस को इनके फोन और कंप्यूटर से सैकड़ों आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरों के स्क्रीनशॉट भी मिले हैं, जिन्हें साक्ष्य के तौर पर केस डायरी में शामिल किया गया है। पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट (Information Technology Act) और बाल यौन अपराध संरक्षण कानून (POCSO Act) के साथ-साथ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत और बेहद सख्त धाराओं के तहत मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया है। साइबर सेल अब आरोपियों के बैंक खातों और यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन की हिस्ट्री खंगालने में जुटी है ताकि इस सिंडिकेट के वित्तीय नेटवर्क का पूरी तरह खुलासा किया जा सके।