भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में विशेष कार्य बल (STF) ने नशीली और अवैध दवाओं के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। एसटीएफ की टीम ने गांधीनगर थाना क्षेत्र में चल रहे एक अवैध कफ सिरप कारखाने का भंडाफोड़ करते हुए करीब डेढ़ करोड़ रुपये की अवैध सामग्री जब्त की है।
कवर्ड कैंपस में आधी रात को सर्जिकल स्ट्राइक
एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि गांधीनगर क्षेत्र की डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी के एक कवर्ड कैंपस वाले मकान में अवैध रूप से नशीला कफ सिरप तैयार किया जा रहा है। सूचना की सत्यता जांचने के बाद एसटीएफ की टीम ने गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को करीब 12 बजे अचानक मकान पर छापा मार दिया। यह सर्च ऑपरेशन तड़के सुबह 3 बजे तक चला।
‘आफ कफ’ ब्रांड का जखीरा और मशीनें जब्त
छापेमारी के दौरान एसटीएफ को मकान के भीतर ‘आफ कफ’ (Of Cough) ब्रांड नाम के अवैध कफ सिरप का भारी जखीरा मिला। टीम ने मौके से:
- कफ सिरप से भरी 700 से अधिक पेटियां (हजारों बोतलें) जब्त कीं।
- सिरप को बोतलों में भरने और रैपर लगाने वाली पैकेजिंग मशीनें बरामद कीं।
- अंतरराष्ट्रीय और स्थानीय बाजार में जब्त की गई इस पूरी खेप की अनुमानित कीमत 1.5 करोड़ रुपये आंकी गई है।
10 लोग हिरासत में, मुख्य सरगना मालवीय फरार
एसटीएफ ने कारखाने के भीतर से अवैध रूप से काम कर रहे 10 लोगों को हिरासत में ले लिया है, जिनसे पुलिस कंट्रोल रूम में गहन पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि पकड़े गए लोगों में कुछ नाबालिग भी शामिल हैं। वहीं, इस पूरे अवैध कारोबार का मुख्य सरगना और मकान मालिक मालवीय पुलिस की भनक लगते ही मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें दबिश दे रही हैं।
लैब भेजे गए सैंपल, पूरे नेटवर्क की जांच शुरू
एसटीएफ के आला अधिकारियों के मुताबिक, इस कफ सिरप को नशे के तौर पर खपाने के लिए बेहद गुपचुप तरीके से बाजार में सप्लाई किया जा रहा था। सिरप में इस्तेमाल रसायनों की सटीक जांच के लिए सैंपल को लैब भेज दिया गया है। पुलिस अब पकड़े गए आरोपियों के कॉल रिकॉर्ड्स और नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस रैकेट के तार किन-किन थोक दवा व्यापारियों और मेडिकल स्टोर संचालकों से जुड़े हैं।