​पीलीभीत। भारत विकास परिषद की शाखा टाइगर (रोहिलखंड प्रांत, पूर्वी एनसीआर-1) द्वारा आयोजित ‘सेवा पखवाड़ा’ के 14वें दिन अंगूरी देवी सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। परिषद के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चल रहे तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन एनीमिया जागरूकता सत्र और प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरण के साथ हुआ। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य किशोरियों और समाज में सेवा, सहयोग तथा समर्पण की भावना को प्रेरित करना रहा।


​स्थापना दिवस और संस्कारों पर चर्चा
​कार्यक्रम के दौरान परिषद के महासचिव डॉ. अनिल सक्सेना ने भारत विकास परिषद की स्थापना की आवश्यकता और उसके सामाजिक कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। जिला प्रभारी डॉ. एस.पी.एस. संधू ने अपने समय की शिक्षा प्रणाली और अनुशासन के रोचक संस्मरण साझा कर छात्राओं को प्रेरित किया। वहीं, संरक्षक ज्ञानेंद्र अग्रवाल (एडवोकेट) ने विद्यार्थियों को जीवन में अच्छे संस्कार अपनाने के महत्वपूर्ण टिप्स दिए। कार्यक्रम में मौजूद रवि प्रकाश चंद्रा और हरीश दुलवानी ने छात्राओं द्वारा दी गई प्रस्तुतियों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।


​एनीमिया: कारण, लक्षण और बचाव के उपाय
​सत्र के मुख्य विषय पर बोलते हुए डॉ. विजय सिंह ने एनीमिया (खून की कमी) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एनीमिया वह स्थिति है जिसमें शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं (RBCs) या हीमोग्लोबिन की कमी हो जाती है। हीमोग्लोबिन फेफड़ों से शरीर के अन्य हिस्सों में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम करता है। इसकी कमी से थकान, कमजोरी, साँस फूलना, सिरदर्द, चक्कर आना, हाथ-पैर ठंडे रहना और त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
​डॉ. विजय सिंह के अनुसार एनीमिया के मुख्य कारण आयरन की कमी (जिससे लाल रक्त कोशिकाएं ठीक से हीमोग्लोबिन नहीं बना पातीं), विटामिन B12 और फोलिक एसिड की कमी। इसके अलावा कैंसर, किडनी फेलियर, ऑटोइम्यून बीमारियाँ और आनुवंशिक कारण भी इसके लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियाँ, चुकंदर, दालें और नट्स जैसे आयरन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। साथ ही नींबू और आँवला जैसे विटामिन-सी युक्त फल लें, जो शरीर में आयरन को अवशोषित करने में मदद करते हैं। लक्षण दिखने पर चिकित्सीय परीक्षण अवश्य करवाएं।


​प्रतियोगिता के विजेताओं का सम्मान
​कार्यक्रम के अंतिम चरण में चित्रकला और अभिभाषण प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को कुमकुम अग्रवाल, उर्मिला शर्मा, मंजू गुप्ता और कमला सिंह द्वारा सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को डॉ. संधू द्वारा ₹500-₹500 का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया। सफल कार्यक्रम संचालन के लिए कार्यक्रम संयोजिका को ₹1000 की पुरस्कार राशि दी गई।
​इस पूरे कार्यक्रम का सफल संचालन शाखा के अध्यक्ष लक्ष्मीकांत शर्मा ने किया, जबकि अंत में प्रधानाचार्या उपासना शर्मा द्वारा सभी का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में अमित विश्वकर्मा, दीक्षा बाजपेई, रिशु जायसवाल और आभा सक्सेना आदि का सराहनीय योगदान रहा।

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