पीलीभीत। शहर को बाढ़ की विभीषिका और अत्यधिक बारिश के दौरान होने वाले गंभीर जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए नगर पालिका परिषद कार्यालय में एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन अफेयर नई दिल्ली के विशेषज्ञों ने नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल के साथ शहर की भौगोलिक स्थिति और ड्रेनेज सिस्टम की वर्तमान चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक का मुख्य उद्देश्य शहर में जलभराव की समस्या का वैज्ञानिक और स्थायी समाधान तलाशना रहा।
बैठक के दौरान विशेषज्ञों ने बाढ़ प्रबंधन, पुराने नालों की स्थिति, जल निकासी के मार्ग में आने वाली बाधाओं और शहर के उन प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की, जहाँ सबसे अधिक जलभराव होता है। विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि शहरीकरण के इस दौर में केवल पारंपरिक तरीकों से जलभराव नहीं रोका जा सकता, इसके लिए एक दीर्घकालिक और वैज्ञानिक रणनीति अपनाना अनिवार्य है। चर्चा में वर्षा जल संचयन, नालों के चौड़ीकरण और एक आधुनिक ड्रेनेज मास्टर प्लान विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष डॉ. आस्था अग्रवाल ने विशेषज्ञों से अपील की कि वे शहर के प्रभावित इलाकों का गहन स्थलीय निरीक्षण करें और एक ऐसी व्यवहारिक रिपोर्ट तैयार करें जो पर्यावरण के अनुकूल हो। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के साथ-साथ प्राकृतिक संतुलन बनाए रखना भी आवश्यक है। इस बैठक में सीनियर इंफ्रास्ट्रक्चर प्लानर लवलेश शर्मा, रिवर साइट्स स्पेशलिस्ट विभूषित सक्सेना, सीनियर प्रोग्राम एसोसिएट मौमिता कर्मकार और बरेली के अर्बन प्लानर ज़िया ने अपने सुझाव साझा किए।
बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि विशेषज्ञों की टीम जल्द ही फील्ड सर्वे कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर ही भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी और बजट का आवंटन होगा। प्रशासन की इस सक्रियता से पीलीभीत के नगरवासियों में यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में उन्हें मानसून के दौरान होने वाली परेशानियों से स्थायी राहत मिल सकेगी।
(आधुनिक दुनिया को सभी स्थानों पर संवाददाताओं की आवश्यकता है। इच्छुक संपर्क करें- 8923815100 व्हाट्अप पर अपना नाम, स्थान, यदि कोई अनुभव है तो उसकी जानकारी और कहां से संवाददाता बनना चाहते हैं उस स्थान का नाम लिखें संपर्क करें। यदि आप पत्रकारिता सीखने के इच्छुक हैं, तो भी संपर्क कर सकते हैं।)