सितारगंज। संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों का आकलन करने के लिए गुरुवार को बमनपुरी पुल के पास व्यापक आपदा मॉक ड्रिल आयोजित की गई। प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान का सफल प्रदर्शन किया।
मॉक ड्रिल के दौरान आपदा कंट्रोल रूम को काल्पनिक सूचना मिली कि बमनपुरी क्षेत्र में बैगुल नदी का तटबंध क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया और कई लोग अपने घरों में फंस गए हैं। सूचना मिलते ही प्रशासन ने तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
इंसिडेंट कमांडर एसडीएम तुषार सैनी और स्टेजिंग कमांडर तहसीलदार हिमांशु जोशी के नेतृत्व में एसडीआरएफ और जल पुलिस की टीम ने अभियान चलाकर बाढ़ में फंसे छह लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। सभी को प्राथमिक विद्यालय बमनपुरी में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया गया, जहां उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई गई। वहीं, मॉक ड्रिल में घायल दर्शाए गए लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद उप जिला अस्पताल सितारगंज रेफर किया गया।
अभ्यास के दौरान अग्निशमन विभाग, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, संचार विभाग, खाद्य एवं पूर्ति विभाग, पीआरडी, होमगार्ड, वन विभाग, जल पुलिस, राजस्व विभाग, प्रशासन तथा रेड क्रॉस की टीमों ने अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए आपदा की स्थिति में बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई का प्रदर्शन किया।
एसडीएम तुषार सैनी ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल का उद्देश्य संभावित आपदाओं के दौरान विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, उपलब्ध संसाधनों का परीक्षण करना तथा राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है। उन्होंने कहा कि ऐसी तैयारियां वास्तविक आपदा की स्थिति में जनहानि और नुकसान को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।