रूद्रपुर। प्रसव के दौरान ऑक्सीजन नहीं मिलने से महिला की मौत के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्थाओं के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मेडिकल कॉलेज पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ता मुंह पर ऑक्सीजन मास्क लगाकर और कंधों पर सिलेंडर उठाकर पहुंचे तथा मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. ऊषा रावत का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और प्राचार्य के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई।
गौरतलब है कि गुरुवार को प्रसव के बाद महिला ज्योति पांडे की हालत बिगड़ने पर उसे समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल सकी थी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया था। अब इस घटना को लेकर कांग्रेस ने सरकार और मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
शुक्रवार को कांग्रेस नेता संजय जुनेजा, मोहन लाल खेड़ा, पार्षद सौरभ राज बेहड़, मोनिका ढाली, विक्रमजीत सिंह, परवेज कुरैशी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मेडिकल कॉलेज पहुंचे और जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि अस्पताल में ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधा तक उपलब्ध नहीं है, जिससे मरीजों की जान जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। आईसीयू अब तक पूरी तरह संचालित नहीं हो सका है और डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन पाइपलाइन कई जगहों से क्षतिग्रस्त है, जिससे गंभीर मरीजों को समय पर ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज में संसाधनों का भारी अभाव है। इमरजेंसी में इस्तेमाल होने वाले कागज तक खत्म हो चुके हैं और फोटोस्टेट पर्चियों से काम चलाया जा रहा है। टिटनेस इंजेक्शन और एक्स-रे फिल्म तक की कमी सामने आ चुकी है, जो स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली को दर्शाता है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो पार्टी उग्र आंदोलन करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खोल अभियान चलाकर सरकार को जनता के सामने बेनकाब करेगी।