पीलीभीत। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह की अध्यक्षता में बुधवार को जिला गंगा, जिला वृक्षारोपण एवं जिला पर्यावरण समिति की महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक संपन्न हुई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक का संचालन प्रभागीय निदेशक वन एवं वन्यजीव प्रभाग भरत कुमार डी.के. ने किया। बैठक में जिले के पर्यावरण संरक्षण, आगामी वृक्षारोपण अभियान और नदियों की स्वच्छता को लेकर कई बड़े निर्णय लिए गए।
बैठक में प्रभागीय निदेशक ने बताया कि इस वर्ष जिले में लगभग 40 लाख पौधे लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है, जिसकी तैयारियां वन विभाग की नर्सरियों में युद्ध स्तर पर चल रही हैं। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि इस बार जनपद में सर्वाधिक ‘मोरिंगा’ (सहजन) के वृक्ष लगाए जाएं, ताकि पीलीभीत को ‘मोरिंगा जनपद’ के रूप में नई पहचान मिल सके। उन्होंने इसके लिए विशेष ‘मोरिंगा वन’ विकसित करने की कार्ययोजना पर बल दिया।
जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान समितियों में रिक्त पदों पर मनोयन की घोषणा की। आवास विकास निवासी अंकित अवस्थी (पुत्र स्व. सिद्ध गोपाल अवस्थी) को ‘जिला गंगा समिति’ में नामित सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया। वहीं, रामबाग कॉलोनी निवासी विकास दीक्षित (पुत्र अवनीश दीक्षित) को ‘पर्यावरण समिति’ के नामित सदस्य के रूप में मनोनीत किया।
शहर की सफाई व्यवस्था पर जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि सड़कों पर एक भी आवारा पशु नहीं दिखना चाहिए। उन्होंने सभी नालों की सफाई अभियान चलाकर करने और उन्हें स्लैब डालकर ढकने के निर्देश दिए। साथ ही, नगर पालिकाओं और पंचायतों को निर्देशित किया कि चिकन व मटन की दुकानों का कचरा किसी भी स्थिति में नदियों में न बहाया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों का चालान कर अगली बैठक में प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा गया।
इस अवसर पर सीएमओ डॉ. आलोक शर्मा, एडीएम (वि/रा) प्रसून बाजपेई, एडीएम (न्यायिक) रोशनी यादव, सहायक आयुक्त सहकारिता डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, पर्यावरणविद टी.एच. खान, नामित सदस्य अभिषेक अग्रवाल, शिवम कश्यप, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अवर अभियंता अंकित कुमार, सफाई निरीक्षक साबिर अली और जिला परियोजना अधिकारी सौरभ प्रताप सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
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