पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में तैनात ‘बाघ मित्रों’ की भूमिका अब केवल मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि वे ग्रामीण विकास और सामाजिक कल्याण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कड़ी बनकर उभर रहे हैं। जंगल के सीमावर्ती गांवों में रहने वाले लोगों के जीवनस्तर को सुधारने और वन विभाग व ग्रामीणों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए एक विशेष पहल की शुरुआत की गई है।
​मरौरी विकासखंड के ग्राम बसंतपुर में आयोजित एक भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे अपर प्रधान वन संरक्षक पिनाकी प्रसाद सिंह ने बाघ मित्रों की इस नई और सराहनीय पहल की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि बाघ मित्र लंबे समय से जंगलों के सीमावर्ती इलाकों में गश्त करने, ग्रामीणों को जागरूक करने और बाघ व अन्य वन्यजीवों की आबादी वाले क्षेत्रों में मौजूदगी की समय पर सूचना देने का महत्वपूर्ण काम करते आ रहे हैं। अब उन्होंने एक कदम आगे बढ़ाते हुए ग्रामीणों के सशक्तिकरण का बीड़ा उठाया है।
​अपर प्रधान वन संरक्षक ने बताया कि हकदर्शक और विश्व प्रकृति निधि के सहयोग से बाघ मित्रों के माध्यम से एक नया समन्वय स्थापित किया गया है। इसके तहत जंगल से सटे गांवों के ग्रामीणों को स्वास्थ्य, पेंशन, आवास, और किसान सम्मान निधि जैसी विभिन्न सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब जंगल किनारे रहने वाले ग्रामीणों को उनके अधिकार और सरकारी सुविधाएं आसानी से मिलती हैं, तो वन्यजीव संरक्षण एवं वन विभाग के प्रति उनका विश्वास मजबूत होता है, जिससे मानव और वन्यजीवों के बीच सह-अस्तित्व की भावना को बल मिलता है।


​कार्यक्रम के दौरान हकदर्शक के समन्वयक वीरेन्द्र बतिया ने जानकारी दी कि हकदर्शक और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के समन्वय से यह एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया था। इस परियोजना के तहत जो लक्ष्य तय किए गए थे, उनके सापेक्ष लगभग 90% पात्र ग्रामीणों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सफलतापूर्वक दिया जा चुका है।
​इस पायलट प्रोजेक्ट को धरातल पर सफल बनाने में बाघ मित्र अमन कुमार, श्याम बिहारी, भगवानदास, राजीव कुमार, ओमप्रकाश सागर और रवि सरोज ने अपनी सराहनीय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इन जमीनी कार्यकर्ताओं के अथक योगदान के चलते ही आज पीलीभीत टाइगर रिजर्व का नाम पूरे देशभर में पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के एक उत्कृष्ट मॉडल के रूप में देखा जा रहा है।
​समारोह के दौरान प्रभागीय वनाधिकारी पीलीभीत टाइगर रिजर्व मनीष सिंह, ग्राम प्रधान ओमप्रकाश, और वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र में कार्यरत डॉ. अमिताभ अग्निहोत्री विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन विश्व प्रकृति निधि के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने किया, जबकि अंत में वन क्षेत्राधिकारी माला रेंज रोबिन सिंह ने सभी अतिथियों और उपस्थित ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।

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