विधि संवाददाता,पीलीभीत। शाहजहांपुर निवासी युवती के मायके वालों द्वारा दामाद की हत्या के लिए भेजे गए भाड़े के हत्यारों को रोकने और बचाने के दौरान गोली लगने से मारे गए व्यापारी पप्पू गुप्ता हत्याकांड में आरोपी कुनाल की नियमित जमानत याचिका जनपद सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार के न्यायालय ने खारिज कर दी है। पर्याप्त आधार न मिलने और मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने यह आदेश पारित किया है।
घटना के विवरण के अनुसार, कस्बा बिलसंडा निवासी पंकज कटियार का अपनी ससुराल के लोगों के साथ दहेज उत्पीड़न का विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते जनपद शाहजहांपुर के रहने वाले ससुराल पक्ष के लोगों ने पेशेवर गुंडों और भाड़े के हत्यारों को सुपारी देकर पंकज कटियार की हत्या करने के लिए कस्बा बिलसंडा भेजा था। गत 28 मई 2026 की दोपहर बाद करीब पांच बजे पंकज कटियार कस्बा बिलसंडा में अपने भाई की दुकान पर बैठे थे और उनके पास ही पड़ोसी व्यापारी पप्पू गुप्ता भी बैठे हुए थे। इसी दौरान हथियारों से लैस दर्जन भर भाड़े के हत्यारों ने वहां पहुंचकर पंकज कटियार पर जानलेवा हमला बोल दिया और बीच-बचाव कर पंकज को बचाने आए व्यापारी पप्पू गुप्ता को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल अवस्था में पप्पू गुप्ता को अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई थी। इस सनसनीखेज मामले में थाना बिलसंडा में नामजद और अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया था।
उक्त हत्याकांड में शामिल जनपद शाहजहांपुर के मोहल्ला अंटा वार्ड नंबर 27 निवासी आरोपी कुनाल की ओर से जिला एवं सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार की अदालत में नियमित जमानत के लिए अर्जी दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र पाल गंगवार ने पैरवी की। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और पत्रावली का बारीकी से अवलोकन करने के बाद पाया कि मामला जमानत के योग्य नहीं है, जिसके चलते जिला जज रविंद्र कुमार ने आरोपी कुनाल की नियमित जमानत याचिका को निरस्त करने का आदेश पारित कर दिया।