सितारगंज। न्यूजीलैंड भेजने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर 6.49 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि रुपये लेने के बावजूद न तो वीजा लगवाया गया और न ही विदेश भेजा गया। साथ ही उसका पासपोर्ट और अन्य शैक्षिक दस्तावेज भी वापस नहीं किए जा रहे हैं। मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है।
बाइपास कॉलोनी, सितारगंज निवासी मोहम्मद आजम ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले सरकड़ा निवासी मो. शमी ने उसे न्यूजीलैंड भेजने और वहां नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। उसकी बातों पर विश्वास कर आजम ने जून 2024 से नवंबर 2025 के बीच विभिन्न बैंकों के माध्यम से कई किश्तों में आरोपियों के खातों में रुपये भेजे। इसके अलावा उसने आरोपी के कार्यालय में एक परिचित की मौजूदगी में 3.30 लाख रुपये नकद दिए। दिल्ली में बायोमैट्रिक प्रक्रिया के लिए भी 14 हजार रुपये नकद दिए। इस प्रकार उसने कुल 6.49 लाख रुपये का भुगतान किया।
पीड़ित का आरोप है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी न तो उसका वीजा बनवाया गया और न ही उसे न्यूजीलैंड भेजा गया। रुपये वापस मांगने पर आरोपी लगातार टालमटोल कर रहा है। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसका और उसके बड़े भाई का पासपोर्ट तथा शैक्षिक प्रमाणपत्र आरोपी के कब्जे में हैं, जिन्हें कई बार मांगने के बावजूद वापस नहीं किया गया।
मोहम्मद आजम ने इस मामले में सरकड़ा निवासी यूनिस और शहनाज तथा गांव गौठा निवासी घनश्याम पर भी मो. शमी के साथ मिलकर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की शिकायत के आधार पर जांच कर रही है।