सितारगंज। नानकमत्ता क्षेत्र के गांव दीननगर में धर्मांतरण को लेकर हुए बवाल के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए संदिग्ध संस्थाओं को चिह्नित करना शुरू कर दिया है। धर्मांतरण के मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद एडीएम पंकज उपाध्याय ने अधिकारियों के साथ बैठक कर कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
सोमवार को तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि एडीएम के निर्देशों के क्रम में उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम के तहत क्षेत्र में संचालित संस्थाओं की जांच की जा रही है। इसी क्रम में राजस्व निरीक्षक नानकमत्ता ने सुनखरीकला क्षेत्र में पक्का निर्माण कर प्रार्थना सभाएं आयोजित कराने तथा ग्रामीणों का धर्मांतरण कराने के आरोप में सितारगंज निवासी एक पास्टर को नोटिस जारी किया है।
नोटिस में कहा गया है कि संबंधित भवन अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के व्यक्ति के नाम दर्ज भूमि पर बना है। जहां प्रार्थना सभाओं का आयोजन किया जा रहा है। प्रशासन ने इसे उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम का संभावित उल्लंघन मानते हुए सात दिनों के भीतर तहसील कार्यालय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर उत्तराखण्ड धर्म स्वतंत्रता अधिनियम-2018 के तहत अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार हिमांशु जोशी ने बताया कि नानकमत्ता क्षेत्र में तीन अन्य संस्थाओं को भी चिह्नित किया गया है। जिन्हें जल्द नोटिस जारी किए जाएंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *