नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में बड़ा राजनीतिक भूचाल आ गया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर संसद में अलग गुट की मान्यता और अलग बैठने की व्यवस्था की मांग की है। साथ ही सांसदों ने भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए में शामिल होने की इच्छा भी जताई है।
सूत्रों के मुताबिक, बागी सांसदों में पार्टी के कई बड़े चेहरे शामिल हैं। सांसदों ने अपने पत्र में काकोली घोष दस्तीदार को संसदीय दल के नए नेता के रूप में मान्यता देने की मांग की है। इस घटनाक्रम ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और पार्टी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बताया जा रहा है कि इस कदम से पहले दिल्ली में केंद्रीय मंत्री के आवास पर बागी सांसदों की अहम बैठक हुई थी। वहीं टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रॉय ने भी पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा में असंतोष के बाद अब संसदीय दल में खुली बगावत टीएमसी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। विपक्षी एकजुटता की कोशिशों के बीच पार्टी के भीतर बढ़ती नाराजगी ने ममता बनर्जी के नेतृत्व पर सवाल खड़े कर दिए हैं।