पीलीभीत। उत्तर प्रदेश पंचायती राज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ जनपद शाखा पीलीभीत के बैनर तले आज सफाई कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष धर्मपाल सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी द्वितीय एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन), वेतन विसंगति और बार-बार होने वाले स्थानांतरणों पर रोक लगाने जैसी प्रमुख समस्याओं से अवगत कराया।
ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने अवगत कराया कि पंचायती राज विभाग में कार्यरत ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की सेवा के 16 वर्ष नवंबर 2025 में ही पूरे हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें द्वितीय एसीपी का लाभ नहीं मिल सका है। संगठन ने मांग की कि 25 जुलाई 2026 तक एसीपी की प्रक्रिया पूर्ण कराकर जुलाई माह के वेतन में इसका प्रत्यक्ष लाभ दिया जाए। इसके अलावा, अन्य जनपदों की तुलना में पीलीभीत में सफाई कर्मचारियों का वेतन सबसे कम होने का मुद्दा उठाते हुए वेतन विसंगति को दूर करने और दोबारा फिक्सेशन कराने की मांग की गई। साथ ही, 31 मई 2026 को स्थानांतरण नीति समाप्त होने के बाद भी हर महीने किए जा रहे तबादलों को कर्मचारियों का उत्पीड़न बताते हुए इस पर तुरंत रोक लगाने की मांग की गई।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने मौके से ही मुख्य विकास अधिकारी से दूरभाष पर वार्ता की और सफाई कर्मचारियों की द्वितीय एसीपी लगाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए। इसके बाद सफाई कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने उत्तर प्रदेश संयुक्त राज्य परिषद के जिला अध्यक्ष संजय तोमर के साथ मिलकर जिला विकास अधिकारी और जिला पंचायत राज अधिकारी से मुलाकात की। डीपीआरओ ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आगामी 31 जुलाई तक हर हाल में एसीपी लगवाने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश संयुक्त राज्य परिषद के जिला अध्यक्ष संजय तोमर, सफाई कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष धर्मपाल सिंह, जिला महामंत्री रामसेवक बाल्मिक, जिला कोषाध्यक्ष देवेश राठौर, जिला सम्प्रेक्षक माजिद अली, जिला उपाध्यक्ष अमित कश्यप, जिला मीडिया प्रभारी वाहिद अली, हाशिम नाज और वीरेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में सफाई कर्मचारी उपस्थित रहे।