विधि संवाददाता, पीलीभीत। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) अनु सक्सेना की अदालत ने एक सनसनीखेज मामले में आरोपित को दोषी पाते हुए दो वर्ष, तीन माह और 15 दिन के कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही न्यायालय ने दोषी पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के कथानक के अनुसार, 27 मार्च 2024 को थाना सुनगढ़ी के तत्कालीन थाना प्रभारी पवन कुमार पाण्डेय ने थाना न्यूरिया के अंतर्गत ग्राम सिमरिया गौसु निवासी गैंग लीडर राजेंद्र सिंह उर्फ अजगर सिंह उर्फ अजगर और उसके साथी राजू गुप्ता के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने मामले की विस्तृत विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र (चार्जशीट) न्यायालय में दाखिल किया था।
न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान मुख्य आरोपित राजेंद्र सिंह ने अपनी पत्रावली (फाइल) को सह-आरोपित से अलग कर सुनवाई करने का एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। अदालत ने विधिक पहलुओं पर विचार करने के बाद उसके इस प्रार्थना पत्र को स्वीकार कर लिया और पत्रावली अलग कर मामले की त्वरित सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक अमित कुमार शुक्ल ने प्रभावी पैरवी की और आरोपित के खिलाफ पुख्ता सबूत व गवाह पेश किए। विशेष न्यायालय ने पत्रावली पर उपलब्ध सभी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का गहन अवलोकन करने के बाद आरोपित राजेंद्र सिंह को गैंगस्टर एक्ट का दोषी पाया और उसे उक्त सजा से दंडित किया।