प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के संगम नगरी प्रयागराज के रहने वाले होनहार धावक (स्प्रिंटर) बजरंग पांडेय ने अपनी प्रतिभा और फौलादी इरादों के दम पर इतिहास रच दिया है। बजरंग का चयन आगामी राष्ट्रमंडल खेलों (Common Wealth Games) के लिए भारतीय एथलेटिक्स टीम में हो गया है, जहाँ वे देश की प्रतिष्ठित स्प्रिंट तिकड़ी का मुख्य हिस्सा बनकर वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। एक बेहद साधारण किसान परिवार में जन्मे बजरंग ने भीषण आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों को मात देकर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी इस स्वर्णिम सफलता से पूरे उत्तर प्रदेश और खेल जगत में खुशी की लहर है।

मिट्टी के ट्रैक से कॉमनवेल्थ तक: गरीबी और तंगी को दी शिकस्त
प्रयागराज के ग्रामीण अंचल के एक अत्यंत गरीब किसान परिवार में जन्मे बजरंग पांडेय का बचपन भारी संघर्षों के बीच बीता। एथलेटिक्स जैसे महंगे खेल के लिए जहाँ पेशेवर ट्रेनिंग, विशेष डाइट और आधुनिक ट्रैक की जरूरत होती है, वहीं बजरंग के पास इनमें से कुछ भी नहीं था। उचित डाइट और बुनियादी सप्लीमेंट्स की कमी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने बिना किसी आधुनिक संसाधनों के, ग्रामीण इलाकों के कच्चे और मिट्टी के मैदानों पर पसीना बहाया। सुबह-शाम भूखे पेट दौड़कर भी उन्होंने अपने अभ्यास को कभी रुकने नहीं दिया और अपनी रफ्तार के दम पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर सबको हैरान कर दिया।

साल 2023 में मिली सेना में नौकरी, वर्तमान में बरेली में हैं सूबेदार
बजरंग के इसी अद्भुत जज्बे और ट्रैक पर उनकी तेज रफ्तार को देखते हुए साल 2023 में उन्हें खेल कोटे (Sports Quota) के अंतर्गत भारतीय सेना में नौकरी मिली। भारतीय सेना में शामिल होने के बाद उनके खेल को एक नया आयाम मिला और उन्हें पेशेवर ट्रेनिंग के साथ बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध हुईं। वर्तमान में बजरंग पांडेय भारतीय सेना में सूबेदार के सम्मानित पद पर बरेली में तैनात हैं। सेना के कड़े अनुशासन और देश सेवा के जज्बे ने उनकी स्प्रिंटिंग टाइमिंग को और बेहतर बनाया, जिससे उनका रास्ता सीधे कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए साफ हो गया।

प्रयागराज की गलियों से निकलकर देश के सर्वश्रेष्ठ एथलीटों की कतार में खड़े होने वाले बजरंग पांडेय अब अंतरराष्ट्रीय ट्रैक पर भारत का तिरंगा लहराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि बजरंग की वर्तमान फॉर्म बेहद शानदार है और वे राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की झोली में पदक डालने के सबसे मजबूत दावेदारों में से एक हैं।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed