पीलीभीत। आगामी पवित्र श्रावण मास के अवसर पर आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा एवं श्रावण सोमवार को शांतिपूर्ण व सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। जिलाधिकारी कार्यालय पीलीभीत द्वारा कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु आयोजित समीक्षा बैठक में प्राप्त निर्देशों के क्रम में कृषि उत्पादन मंडी समिति, पीलीभीत के सभापति एवं नगर मजिस्ट्रेट विजय वर्धन तोमर ने अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका पीलीभीत व नगर पंचायत नौगवां पकड़िया को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश के तहत मंडी स्थल में बाहर से आने वाले आवारा पशुओं के प्रवेश पर रोक लगाने तथा परिसर में पहले से मौजूद पशुओं व बंदरों को तत्काल बाहर निकालने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
पत्र के अनुसार, सावन मास के दौरान बाहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं कांवड़ार्थी यात्रा करते हैं। इस दौरान कांवड़िये रात्रि विश्राम हेतु नवीन मंडी स्थल परिसर में ठहरते हैं और अगले दिन अपने गंतव्य की ओर रवाना होते हैं। मंडी परिसर में कांवड़ यात्रियों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए वहां घूम रहे आवारा पशुओं व बंदरों के कारण किसी भी अप्रिय घटना या शारीरिक क्षति की आशंका बनी रहती है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंडी परिसर को पशु-मुक्त करना आवश्यक माना गया है।

नगर मजिस्ट्रेट ने निर्देश दिए हैं कि यदि मंडी परिसर में आवारा घूम रहे जानवर किसी व्यक्ति या पशुपालक के पाए जाते हैं, तो उनके मालिकों को चिन्हित कर उन पर जुर्माना लगाने व वसूली की सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी लावारिस या आवारा पशु द्वारा कांवड़ार्थियों एवं आम जनमानस को कोई शारीरिक चोट न पहुंचे।