पीलीभीत। उपाधि महाविद्यालय के वाणिज्य संकाय के शिक्षकों ने एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वाणिज्य विभाग के प्रभारी डॉ. अमित कुमार, कौशल कुमार और डॉ. गजेंद्र सिंह के नवाचारपूर्ण शोध कार्य को भारत सरकार द्वारा आधिकारिक रूप से मान्यता प्रदान करते हुए पेटेंट जारी किया गया है। इन शिक्षकों द्वारा विकसित डिजिटल पेमेंट एंड फाइनेंशियल कंट्रोल इंटरफेस डिवाइस एक अत्याधुनिक तकनीकी नवाचार है, जो डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और नियंत्रित बनाने में सहायक सिद्ध होगा। वर्तमान समय में बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच यह उपकरण वित्तीय अनुशासन और निगरानी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह आविष्कार न केवल शैक्षणिक क्षेत्र में शोध की गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है, बल्कि व्यावहारिक उपयोगिता की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस सफलता से यह भी सिद्ध होता है कि महाविद्यालय में शिक्षण के साथ-साथ अनुसंधान और उच्च स्तरीय नवाचार को समान महत्व दिया जा रहा है। इस गौरवपूर्ण उपलब्धि से न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे जनपद का नाम रोशन हुआ है।
शिक्षकों की इस सफलता पर महाविद्यालय प्रबंध समिति के सचिव एडवोकेट मुरली मनोहर अग्रवाल, प्राचार्य प्रोफेसर दुष्यंत कुमार, प्रोफेसर विनय गर्ग, प्रोफेसर सतेन्द्र नारायण, डॉ. विजय अग्रवाल, प्रोफेसर विपिन नीरज, डॉ. केपी सिंह, डॉ. विशाल सक्सेना, दुर्गेशधर द्विवेदी, डॉ. राखी मिश्रा और डॉ. जितेंद्र मिश्रा सहित समस्त प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए बधाई दी है। उन्होंने कहा कि यह सफलता अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी तथा भविष्य में शोध कार्यों को और प्रोत्साहन मिलेगा। पूरे महाविद्यालय परिवार ने तीनों शिक्षकों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे संस्थान की प्रगति में एक बड़ा कदम बताया है।