हरिद्वार, 14 सितंबर। हरतालिका तीज के पावन अवसर पर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में श्रद्धा और आत्मीयता का अनूठा दृश्य देखने को मिला। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचीं गायत्री परिवार की बहनें अखिल विश्व गायत्री परिवार की प्रमुख श्रद्धेया शैलदीदी के दर्शन और आशीर्वाद के लिए कतार में खड़ी रहीं।
किसी के हाथों में पूजा की थाली थी तो किसी के मन में लंबे समय से संजोई दर्शन की इच्छा। चेहरे पर उत्साह और आंखों में श्रद्धा लिए बहनों ने श्रद्धेया शैलदीदी से आत्मीय भेंट की और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
शांतिकुंज, देव संस्कृति विश्वविद्यालय, ब्रह्मवर्चस् शोध संस्थान सहित देश के विभिन्न राज्यों से आईं बहनों ने पूरे अनुशासन और श्रद्धाभाव के साथ अपनी बारी की प्रतीक्षा की। दर्शन के लिए आगे बढ़ते हुए सुहागिन बहनों के मन में अपनेपन और पारिवारिक स्नेह का भाव दिखाई दिया। श्रद्धेया शैलदीदी के स्नेहिल सान्निध्य में पहुंचते ही कई बहनें भावुक हो उठीं। प्रणाम कर आशीर्वाद लेने का यह क्षण उनके लिए विशेष अनुभव बन गया।
हरतालिका तीज भारतीय संस्कृति में नारी के तप, श्रद्धा, प्रेम और परिवार के मंगल की कामना से जुड़ा पर्व माना जाता है। भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के साथ मनाए जाने वाले इस पर्व का शांतिकुंज में भी विशेष आध्यात्मिक और पारिवारिक भाव देखने को मिला।
दूर-दराज से पहुंचीं सुहागिन बहनों के लिए श्रद्धेया शैलदीदी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करना परिवार की वरिष्ठ सदस्य से मिलने और उनका स्नेह पाने जैसा अनुभव रहा। आशीर्वाद लेकर लौटती बहनों के चेहरों पर संतोष और मन में नई ऊर्जा दिखाई दी। दिनभर शांतिकुंज का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और पारिवारिक आत्मीयता से सराबोर रहा।