रुद्रपुर। सितारगंज के शक्तिफार्म क्षेत्र में सूखी नदी के तटबंध के किनारे मिले सुशांत सरकार के शव के मामले में अदालत ने अभियुक्त विप्लव सरकार उर्फ रवि को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्या, साक्ष्य मिटाने और अपहरण के आरोपों में उसे दोषी ठहराते हुए कुल 12 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। हालांकि, फिरौती के लिए अपहरण के आरोप में अदालत ने उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मीनारायण पटवा के अनुसार, यह मामला जून 2020 का है। 26 जून को जेल कैंप क्षेत्र में बांस की झाड़ियों के नीचे एक अज्ञात युवक का खून से लथपथ शव मिला था। युवक का चेहरा पत्थर से बुरी तरह कुचला गया था। पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर शव की शिनाख्त के प्रयास शुरू किए। बाद में मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी सुशांत सरकार के रूप में हुई।
विवेचना के दौरान पुलिस ने विप्लव सरकार उर्फ रवि पुत्र भवानी सरकार, निवासी जोनापुर भीम बस्ती, मकान नंबर 47, थाना फतेहपुर बेरी, दक्षिण दिल्ली को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, अभियुक्त की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर, मृतक की टी-शर्ट और अन्य सामान बरामद किए गए। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुकेश चंद्र आर्य की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष ने 17 गवाह पेश किए और बरामदगी तथा फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा। अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को हत्या का दोषी मानते हुए कठोर आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
इसके अतिरिक्त, साक्ष्य मिटाने और अपहरण के आरोपों में तीन-तीन साल का कठोर कारावास तथा एक-एक हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। अदालत के आदेश के अनुसार, सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
वहीं, फिरौती के लिए अपहरण के आरोप में अदालत ने अभियुक्त को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।