संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश के संतकबीरनगर जिले की एसओजी (SOG) और स्थानीय पुलिस टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एक नाबालिग की हत्या कर उसके साक्ष्य (सबूत) मिटाने के मामले में वांछित चल रहे दो शातिर आरोपियों को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया है। साक्ष्य बरामदगी के लिए ले जाते समय दोनों आरोपियों ने पुलिस हिरासत से भागने का प्रयास किया, जिसके बाद हुई जवाबी फायरिंग में दोनों के पैर में गोली लगी है। यह पूरी कार्रवाई बेलहरकला थाना क्षेत्र में हुई है।
इस बड़ी कार्रवाई के मुख्य बिंदु नीचे दिए गए हैं:
साक्ष्य बरामदगी के दौरान भागने की कोशिश
- पुलिस टीम पर हमला: एसओजी प्रभारी रजनीश राय और बेलहरकला थाना पुलिस की संयुक्त टीम पकड़े गए आरोपियों को नाबालिग की हत्या से जुड़े साक्ष्यों और सबूतों की बरामदगी के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस टीम को चकमा देकर और हमला कर मौके से भागने का दुस्साहसिक प्रयास किया।
- जवाबी फायरिंग में घायल: पुलिस टीम ने आत्मरक्षार्थ और आरोपियों को रोकने के लिए जवाबी कार्रवाई की। पुलिस द्वारा चलाई गई गोलियां दोनों बदमाशों के पैर में जा लगीं, जिससे वे घायल होकर वहीं गिर पड़े।
शातिर शरीफ और आमिर गिरफ्तार
- आरोपियों की पहचान: पुलिस मुठभेड़ में घायल हुए दोनों अभियुक्तों की पहचान शरीफ और आमिर के रूप में हुई है। दोनों पर एक नाबालिग की बेरहमी से हत्या करने और उसके बाद अपराध के सबूतों को पूरी तरह नष्ट करने (साक्ष्य मिटाने) का गंभीर आरोप है।
- अस्पताल में भर्ती: पैर में गोली लगने के कारण लहुलूहान हुए दोनों अपराधियों को पुलिस अभिरक्षा में तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
एसओजी प्रभारी रजनीश राय की टीम को मिली बड़ी कामयाबी
जिले में जघन्य अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत एसओजी प्रभारी रजनीश राय और उनकी टीम ने इस ऑपरेशन को बेहद मुस्तैदी से अंजाम दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों अभियुक्तों के पास से हत्या और साक्ष्य मिटाने से जुड़े महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।