देहरादून / सितारगंज। भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखंड ने प्रदेश के विभिन्न प्रकोष्ठों की संगठनात्मक गतिविधियों को धरातल पर गति देने के लिए जिलों और प्रकोष्ठों के प्रभार तय किए हैं। माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री महेन्द्र भट्ट जी की सहमति के उपरांत प्रदेश प्रकोष्ठ-संकुल समन्वयक श्री कौस्तुभानंद जोशी जी द्वारा इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। इस नए संगठनात्मक फेरबदल में वरिष्ठ नेता श्री खूब सिंह ‘विकल’ को सबसे व्यापक जिम्मेदारी सौंपते हुए कुल आठ जिलों और आठ महत्वपूर्ण प्रकोष्ठों का प्रभारी नियुक्त किया गया है।
नैनीताल से चमोली तक आठ जिलों की मिली जिम्मेदारी-
जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, प्रदेश प्रकोष्ठ संकुल सह-समन्वयक श्री खूब सिंह ‘विकल’ का संगठन में राजनीतिक कद और ज्यादा मजबूत हुआ है। उन्हें नैनीताल, रानीखेत, पिथौरागढ़, चंपावत. हरिद्वार, टिहरी, उत्तरकाशी और चमोली समेत आठ प्रमुख जिलों में पार्टी के संबंधित प्रकोष्ठों की संगठनात्मक गतिविधियों के प्रभावी संचालन, प्रभारी एवं समन्वय की बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है।
इन आठ अलग-अलग प्रकोष्ठों की भी कमान संभालेंगे विकल
जिलों के सांगठनिक प्रभार के साथ-साथ श्री खूब सिंह ‘विकल’ को समाज के विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और व्यवसायिक वर्गों से जुड़े आठ बेहद प्रभावशाली चिकित्सा, पूर्व सैनिक, गोरखा, आर्थिक, खेलकूद, व्यापार, पंचायत प्रकोष्ठ एवं लघु उद्योग आदि प्रकोष्ठों को धार देने का दायित्व मिला है।
प्रदेश नेतृत्व को प्रेषित की गई सूची, कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह
प्रदेश प्रकोष्ठ-संकुल समन्वयक कौस्तुभानंद जोशी द्वारा जारी इस महत्वपूर्ण कार्य विभाजन और नियुक्ति पत्र से संबंधित आवश्यक जानकारी आगामी रणनीतिक कार्यों हेतु भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश महामंत्री (संगठन) को भी प्रेषित कर दी गई है। खूब सिंह ‘विकल’ को संगठन में यह बड़ा और दोहोरा प्रभार मिलने की खबर से उनके गृह क्षेत्र सितारगंज सहित पूरे प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में भारी उत्साह है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
कागजों पर नहीं, धरातल पर मजबूत होंगे प्रकोष्ठ: खूब सिंह ‘विकल’
बड़ी जिम्मेदारी मिलने पर प्रदेश प्रकोष्ठ-संकुल सह-समन्वयक खूब सिंह ‘विकल’ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट जी तथा प्रदेश समन्वयक कौस्तुभानंद जोशी जी समेत शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “संगठन ने जो भरोसा जताया है, उस पर खरा उतरने के लिए वह पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। हमारा मुख्य फोकस प्रकोष्ठों को केवल बैठकों तक सीमित रखने के बजाय जमीनी स्तर पर अधिक सक्रिय और सशक्त बनाना है। संगठन की गतिविधियों को जन-जन तक पहुँचाकर धरातल पर प्रभावी प्रयास किए जाएंगे, ताकि ‘मिशन-2027’ के लक्ष्यों को हासिल करने में प्रकोष्ठ अपनी ऐतिहासिक भूमिका निभा सकें।”