​ठाकुर श्री गोपीनाथ राधा रमन जी के चरणों में श्रद्धालुओं ने सौंपी अपनी मनोकामनाएं
​अलसुबह हनुमान चालीसा पाठ और ‘श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारे’ के जयघोष से गुंजायमान हुआ नगर


​पीलीभीत। पुरुषोत्तम मास (अधिकमास) के पावन अवसर पर विगत एक माह से निरंतर निकाली जा रही ‘आध्यात्मिक चेतना प्रभात फेरी’ का समापन अत्यंत भावुक और भक्तिमय माहौल में हुआ। इस अंतिम दिन ठाकुर जी की भक्ति का ऐसा अनूठा रंग देखने को मिला कि सुबह से ही श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। चूंकि अब तीन वर्ष बाद ही पुनः पुरुषोत्तम मास का योग आएगा, इसलिए इस अंतिम पुण्य लाभ को कमाने के लिए हर कोई आतुर नजर आया।


​तड़के 4:30 बजे से जुटने लगे भक्त, मंगला आरती के बाद परिक्रमा
​प्रभात फेरी के अंतिम दिन ठाकुर श्री गोपीनाथ राधा रमन जी महाराज मंदिर के आसपास तड़के 4:30 बजे से ही श्रद्धालुओं का एकत्र होना प्रारंभ हो गया था। प्रातः 5:15 बजे भव्य मंगला आरती के उपरांत सभी भक्तों ने पूरी श्रद्धा और तन्मयता के साथ सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान भक्तगण निरंतर ठाकुर जी के दरबार की परिक्रमा करते रहे। हनुमान चालीसा के समापन के बाद पूरा परिसर “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारे, हे नाथ नारायण वासुदेवा” के पावन महामंत्र से गुंजायमान हो उठा।


​छतों और दरवाजों से राहगीरों ने भी सुर में मिलाया सुर
​इसके पश्चात् संकीर्तन करते हुए ‘आध्यात्मिक चेतना प्रभात फेरी’ अपने निर्धारित मार्ग के लिए रवाना हुई। प्रभात फेरी का दृश्य इतना विहंगम था कि रास्ते में राहगीर, घरों की छतों और दरवाजों से झांकते लोग भी खुद को रोक नहीं पाए और प्रभात फेरी के नायक मुकेश के साथ सुर में सुर मिलाकर प्रभु नाम गुनगुनाने लगे। पूरे मार्ग में केवल भक्ति, आस्था और समर्पण की बयार बहती दिखी। अपने पारंपरिक मार्ग से भ्रमण करते हुए प्रभात फेरी पुनः मंदिर श्री गोपीनाथ राधा रमन महाराज पहुंची, जहां ठाकुर जी को भोग लगाने के बाद श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद वितरित किया गया।


​ठाकुर जी के चरणों में रखीं गुप्त मनोकामनाएं, भारी मन से ली विदा
​अधिकमास की इस अंतिम प्रभात फेरी में भक्तों की अटूट आस्था देखने को मिली। अनेक श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाएं पत्रों के माध्यम से लिफाफे में बंद कर ठाकुर जी के चरणों में समर्पित कीं। भक्तों का अटूट विश्वास था कि ठाकुर जी अंतर्यामी हैं और वे सबकी पुकार सुनते हैं। एक महीने तक रोज सुबह प्रभु भक्ति में लीन रहने के बाद, इस आध्यात्मिक सफर के समापन पर भक्तों की आंखें नम थीं और सभी ने बेहद भारी मन से एक-दूसरे से विदा ली।


​500 से अधिक श्रद्धालुओं ने कराया पंजीकरण और उपस्थिति
​इस समापन सत्र में मुख्य रूप से शिवा, मनीषा, पूनम, सुरेंद्र बजाज, मीरा गुप्ता, राखी, रीता, रंजना शर्मा, शकुंतला, निहारिका, नीरज गुप्ता, ज्योति, पंकज महातिया, मधु गोस्वामी, डॉ. मोनिका, पुष्पा, कुमकुम, मनु, अनु, स्पर्श और आलोक सहित 500 से अधिक महिला व पुरुष श्रद्धालुओं ने प्रभात फेरी में सहभागिता कर पुरुषोत्तम मास के अंतिम दिन स्वयं को धन्य किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Site designed and maintained by Lalit Rastogi