पीलीभीत। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, पीलीभीत के शरीर रचना विज्ञान (एनाटॉमी) विभाग की ओर से एमबीबीएस 2026 बैच के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए कैडेवरिक ओथ समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य भावी चिकित्सकों में मानव शरीर के प्रति सम्मान, चिकित्सा शिक्षा में देहदान के महत्व तथा देहदाताओं के प्रति कृतज्ञता और नैतिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
कार्यक्रम का संचालन एनाटॉमी विभाग के ट्यूटर नानक ने किया। समारोह में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार ने चिकित्सा शिक्षा में कैडेवर की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि कैडेवर मेडिकल विद्यार्थियों का पहला शिक्षक होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मानवीय संवेदनशीलता, सेवा भावना और चिकित्सा नैतिकता के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मेडिकल शिक्षा में देहदान का विशेष महत्व
एनाटॉमी विभागाध्यक्ष डॉ. अर्चना सिंह ने कैडेवरिक ओथ के उद्देश्य और महत्व को समझाते हुए कहा कि मानव शरीर की संरचना का व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त करने में कैडेवर की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज को अब तक छह देहदान प्राप्त हो चुके हैं।
इस अवसर पर विद्यार्थियों को कैडेवरिक शपथ दिलाई गई। इसके माध्यम से उन्हें देहदाताओं और उनके परिवारों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता तथा चिकित्सा शिक्षा के दौरान नैतिक जिम्मेदारियों के पालन का संदेश दिया गया।

देहदाताओं को पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि
समारोह में बायोकेमिस्ट्री विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा सक्सेना, फॉरेंसिक मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पी.सी. श्रीवास्तव, माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. दीपिका, फिजियोलॉजी के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मुकेश और फार्माकोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. शकील ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने चिकित्सा क्षेत्र में नैतिकता, संवेदनशीलता और देहदान के महत्व पर जोर दिया।
समारोह के दौरान संकाय सदस्यों ने देहदाताओं को ‘मौन गुरु’ के रूप में स्मरण करते हुए उनके सम्मान में पुष्प अर्पित किए और श्रद्धांजलि दी।
आयोजन में इनकी रही भूमिका
कार्यक्रम के समन्वयन में डॉ. मनीषा स्कॉट, डॉ. स्वप्निल पांडेय, डॉ. फरीद, आसिफ, दीक्षा, रंजीत, आदेश और सविता की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस अवसर पर बायोकेमिस्ट्री विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. ज्योति, डॉ. आयुष्मान, डॉ. जागृति सहित अन्य संकाय सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में एनाटॉमी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. वरलक्ष्मी ने सभी अतिथियों, संकाय सदस्यों और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।