पीलीभीत। वन एवं वन्यजीव प्रभाग, पीलीभीत की टीम ने अवैध रूप से संचालित लकड़ी डिपो के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए भारी सफलता हासिल की है。 विभागीय अधिकारियों को मुखबिर खास के जरिए टेलीफोन पर गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि पीलीभीत-टनकपुर मार्ग की दॉयी पटरी पर स्थित कस्बा न्यूरिया में एक निजी गोदाम में चोरी-छिपे लाया गया खैर का कीमती प्रकाष्ठ (लकड़ी) अवैध रूप से डंप करके रखा गया है。 यह गोदाम न्यूरिया थाना क्षेत्र के अंतर्गत मोहल्ला ठाकुरद्वारा निवासी आरिस (पुत्र मोहम्मद उमर) का बताया जा रहा है。
​सूचना की गंभीरता को देखते हुए प्रभागीय निदेशक भरत कुमार डीके एवं उप प्रभागीय वनाधिकारी रमेश चौहान के कुशल निर्देशन में प्रभाग स्तर पर एक विशेष टीम का गठन किया गया।इस टीम ने तत्काल चिन्हित निजी गोदाम पर योजनाबद्ध तरीके से छापा मारा। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से खैर लकड़ी के कुल 107 नग बरामद किए, जिनका कुल वजन लगभग 128.10 क्विंटल आंका गया। वन विभाग की टीम ने इस पूरे अवैध खैर प्रकाष्ठ को जब्त कर लिया और उसे सुरक्षात्मक तरीके से प्रभागीय परिसर में ले आई।
​इस कार्रवाई के तुरंत बाद, वन विभाग ने अपने अभियान का दायरा बढ़ाते हुए न्यूरिया कस्बे में ही अवैध रूप से संचालित हो रहे 05 अन्य डिपो स्थलों पर भी ताबड़तोड़ छापेमारी की। इन पांचों स्थलों से टीम ने विभिन्न प्रजातियों के कुल 528 नग लकड़ी के लट्ठे बरामद किये। मौके पर मौजूद डिपो संचालक बरामद की गई लकड़ियों के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या मालिकाना हक के अभिलेख प्रस्तुत करने में पूरी तरह नाकाम रहै। इसके बाद, वन विभाग ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए समस्त बरामद प्रकाष्ठ को स्थानीय सम्भ्रान्त (प्रतिष्ठित) व्यक्तियों की सुपुर्दगी में सौंप दिया।
​इस व्यापक अभियान के दौरान कुल 06 विभिन्न स्थलों पर की गई छापेमारी और वन अपराधों को लेकर विभाग ने सख्त रुख अपनाया है पीलीभीत रेंज के अंतर्गत सुसंगत धाराओं के तहत रेंज केस संख्या- 48, 49, 50, 51, 52, एवं 53/2026-27 दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ आगे की वैधानिक व कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वन विभाग की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध लकड़ी तस्करों और डिपो संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

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