एसएसबी आरक्षी रीजू कुमार ने 39वीं बार किया रक्तदान, मेडिकल कॉलेज में अलग जनरेटर की व्यवस्था का ऐलान
पीलीभीत। राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस के अवसर पर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं संबद्ध चिकित्सालय, पीलीभीत के रक्तकेंद्र में 49वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और एसएसबी इंस्टीट्यूट के सहयोग से संयुक्त रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 20 लोगों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 18 लोगों ने स्वैच्छिक रक्तदान किया।
रक्तदान शिविर के दौरान 49वीं वाहिनी के आरक्षी रीजू कुमार ने 39वीं बार रक्तदान किया। उनके इस योगदान को समाज सेवा और मानवीय दायित्व के प्रति समर्पण के उदाहरण के रूप में सराहा गया।
कार्यक्रम में रक्तकेंद्र प्रभारी डॉ. पारिक्षित सिंह और पैथोलॉजी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. प्रदीप शेखावत ने भी स्वयं रक्तदान कर लोगों को इसके लिए प्रेरित किया। इस दौरान टेक्नीशियन दिग्विजय आर्य, कपिल, अमित, नर्स प्रभा और वार्ड बॉय नरेंद्र सहित रक्तकेंद्र की टीम मौजूद रही।
एसएसबी कार्मिकों और रक्तकेंद्र की टीम ने आमजन से नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद मरीज के लिए जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रक्तकेंद्र में बिजली व्यवस्था होगी मजबूत
इसी अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अमित कुमार ने रक्तकेंद्र में विद्युत व्यवस्था को मजबूत करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि रक्तकेंद्र में उपकरणों के संचालन के दौरान बार-बार बिजली बाधित होने की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अलग जनरेटर की व्यवस्था की जा रही है।
प्राचार्य के अनुसार, जनरेटर की व्यवस्था होने से रक्तकेंद्र में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे रक्त के विभिन्न कंपोनेंट तैयार करने की प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित हो सकेगी और मरीजों को आवश्यकता के समय रक्त उपलब्ध कराने में भी सुविधा होगी।
डॉ. अमित कुमार ने रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए एसएसबी इंस्टीट्यूट, 49वीं वाहिनी एसएसबी और मेडिकल कॉलेज की टीम को बधाई दी।
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को “रक्तदान महादान है—आपका एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद का जीवन बचा सकता है” का संदेश दिया गया।