विधि संवाददाता,पीलीभीत। थाना गजरौला क्षेत्र में करीब दो वर्ष पूर्व एक युवक को खंभे से बांधकर लाठी-डंडों से पीटने, घसीटने और निर्मम हत्या करने के चर्चित मामले में अदालत ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। जनपद सत्र न्यायाधीश रविन्द्र कुमार की अदालत ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए चार आरोपियों को दोषी करार दिया और प्रत्येक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि अर्थदंड की कुल धनराशि में से आधी रकम वादी मुकदमा रामचंद्र अथवा उनके निकटतम उत्तराधिकारी को नियमानुसार प्रदान की जाए।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, थाना गजरौला के गांव भूड़ा सेमनगर उर्फ पड़री निवासी रामचंद्र ने पुलिस को तहरीर दी थी। आरोप था कि 10 जुलाई 2024 को शाम करीब चार बजे गांव के ही कल्लू धीमर, रामकुमार धीमर, सूरजपाल, सुरेंद्र उर्फ अलगू, मदनलाल और रामकुमार की पत्नी गंगादेई पुरानी रंजिश और कहासुनी को लेकर उनके दरवाजे पर आ धमके और गाली-गलौज करने लगे। इसी बीच वादी का पुत्र अनिल उर्फ छोटे वहां पहुंच गया। आरोपियों ने अनिल को जबरन पकड़कर खंभे से बांध दिया और लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की। इसके बाद उसे रस्सी से बांधकर सड़क पर घसीटा, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी शव को गांव से सुहास जाने वाले डामर मार्ग पर फेंक कर फरार हो गए।
वादी रामचंद्र और उनकी पत्नी बिजरानी ने अपने पुत्र को बचाने का काफी प्रयास किया, लेकिन आरोपी मारपीट करते रहे। पीड़ित पिता की तहरीर पर गजरौला पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की और जांच के बाद छह आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल किया। मुकदमे के विचारण के दौरान दो आरोपियों रामकुमार धीमर और उसकी पत्नी गंगादेई की मृत्यु हो गई, जिसके बाद शेष चार अभियुक्तों के खिलाफ अदालती कार्रवाई जारी रही।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता महेंद्र पाल गंगवार ने वादी रामचंद्र सहित कई महत्वपूर्ण प्रत्यक्षदर्शी गवाहों को अदालत में पेश किया। हालांकि बचाव पक्ष ने आरोपियों को निर्दोष बताया, लेकिन अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और पत्रावली का गहन अवलोकन करने के बाद आरोपी मदनलाल, कल्लू धीमर उर्फ भीमसेन, सूरजपाल उर्फ सत्यपाल तथा सुरेंद्र उर्फ सुरेंद्र पाल उर्फ अलगू को दोषी पाया। कोर्ट ने चारों अभियुक्तों को सख्त सजा सुनाते हुए जेल भेजने का आदेश दिया।