पीलीभीत। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में मझोला नगर क्षेत्र में लंबे समय से व्याप्त बंदरों के आतंक का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। नगर पंचायत मझोला के अध्यक्ष निशांत प्रताप सिंह ने सांसद एवं केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद का ध्यान आकर्षित करते हुए बताया कि पिछले तीन वर्षों से बंदरों के झुंड आम नागरिकों, महिलाओं और बच्चों के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। इस संबंध में वन विभाग को लगातार पत्र भेजने के बावजूद अभी तक बंदरों को पकड़ने की कोई ठोस कार्रवाई या सहमति नहीं मिल सकी है। अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि नगर पंचायत बंदरों को पकड़ने का पूरा खर्च वहन करने को तैयार है, बस वन विभाग नियमानुसार आवश्यक अनुमति, तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करे ताकि बंदरों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने तत्काल संज्ञान लिया और जिलाधिकारी पीलीभीत व डीएफओ को निर्देश दिए कि इस समस्या को प्राथमिकता पर रखकर व्यावहारिक व स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए। नगर पंचायत अध्यक्ष निशांत प्रताप सिंह ने केंद्रीय मंत्री के त्वरित हस्तक्षेप पर आभार व्यक्त करते हुए विश्वास जताया कि प्रशासनिक निर्देशों के बाद अब संबंधित विभाग शीघ्र प्रभावी कदम उठाएगा और नगरवासियों को बंदरों के आतंक से जल्द राहत मिलेगी।
पीलीभीत के मझोला में बंदरों का आतंक: दिशा बैठक में उठा मुद्दा; जितिन प्रसाद ने दिए समाधान के निर्देश