बनबसा। नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा और निगरानी के दौरान सशस्त्र सीमा बल (SSB) की बनबसा सीमा चौकी के जवानों ने एक नाबालिग नेपाली लड़की को रेस्क्यू किया। नियमित चेकिंग के दौरान नेपाल से भारत की ओर आ रही महिला और नाबालिग लड़की को रोककर पूछताछ की गई। दोनों के बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद SSB ने मामले की सूचना नेपाल पुलिस को दी और लड़की को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया।
SSB के अनुसार, 57वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट जसबीर सिंह के निर्देश पर सीमा क्षेत्र में नियमित चेकिंग और निगरानी की जा रही थी। इसी दौरान जवानों ने नेपाल से भारत की ओर आ रही एक महिला और लड़की को सामान्य पूछताछ के लिए रोका। पहचान-पत्र मांगे जाने पर लड़की ने नेपाली नागरिकता प्रमाण-पत्र दिखाया, जबकि महिला ने भारतीय पहचान-पत्र प्रस्तुत किया।
पूछताछ में महिला ने खुद को नेपाल के बैतडी जिले की निवासी बताया। उसने बताया कि वह वर्तमान में राजस्थान में एक शोरूम में सेल्स गर्ल के रूप में काम करती है और लड़की को भारत में काम दिलाने के लिए अपने साथ ले जा रही है।
वहीं, नाबालिग नेपाली लड़की से पूछताछ करने पर उसने महिला को अपनी बड़ी मम्मी बताया और कहा कि वह उसके साथ इलाज के लिए जा रही है। महिला और लड़की के बयानों में अंतर पाए जाने पर SSB जवानों को मामले को लेकर संदेह हुआ।
इसके बाद SSB ने नेपाल के PRC गड्डा चौकी को मामले की सूचना दी। लड़की की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उसे कुमारी ममता सिंह, PRC गड्डा चौकी प्रतिनिधि (काउंसलर), तथा आरक्षी गौरव और सुरेश, नेपाल पुलिस चौकी कंचनपुर के सुपुर्द कर दिया गया।
रेस्क्यू टीम में सहायक उप निरीक्षक अच्युत चेल्लेंग, मुख्य आरक्षी ललित मोहन बिष्ट और महिला आरक्षी सोनम शामिल रहे।
SSB की ओर से बताया गया कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में मानव तस्करी सहित अन्य अवैध गतिविधियों की रोकथाम के लिए लगातार सतर्कता और निगरानी की जा रही है। सीमा पर आने-जाने वाले लोगों की संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।