विधि संवाददाता,पीलीभीत। पति को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में जेल में बंद पत्नी रेखा की जमानत अर्जी को सुनवाई के बाद सत्र न्यायाधीश रविंद्र कुमार ने मंजूर कर लिया है। यह मामला थाना जहानाबाद क्षेत्र का है, जहां बीते 4 जून 2026 को शाम करीब आठ बजे माया देवी ने अपनी बहू रेखा के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई थी। दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, माया देवी के पुत्र धर्मेंद्र कुमार ने अपनी पत्नी रेखा को किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बातचीत करते हुए पकड़ लिया था। इस बात को लेकर दोनों पति-पत्नी के बीच विवाद, मारपीट और तीखा लड़ाई-झगड़ा शुरू हो गया।
आरोप के अनुसार, विवाद के दौरान रेखा ने अपने पति को प्रताड़ित करते हुए ताना मारा और कहा कि वह कहीं जाकर मर जाए, इतना जलील करने के बावजूद वह आत्महत्या क्यों नहीं कर रहा है। इसी प्रताड़ना और उकसावे से तंग आकर धर्मेंद्र कुमार ने कदम उठाते हुए आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने इस मामले में सुसंगत धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। इसके बाद आरोपी रेखा देवी की ओर से सत्र न्यायालय में जमानत याचिका दाखिल की गई। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क प्रस्तुत किया कि रेखा पूरी तरह निर्दोष है और उसने अपने पति को किसी भी तरह से प्रताड़ित नहीं किया। इसके साथ ही अदालत के सामने यह बात भी रखी गई कि इस मामले में प्रथम सूचना रिपोर्ट काफी विलंब से दर्ज कराई गई है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले के तथ्यों को सुनने के पश्चात आरोपी रेखा की जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।