चंडीगढ़/दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने पंजाब सतर्कता ब्यूरो (Vigilance Bureau) में जड़ें जमाए एक बड़े भ्रष्टाचार रैकेट का भंडाफोड़ किया है। सीबीआई ने 20 लाख रुपये के कथित रिश्वत मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पंजाब सतर्कता विभाग के पुलिस महानिदेशक (DGP) के रीडर ओ.पी. राणा का नाम भी सामने आया है, जो फिलहाल फरार चल रहा है।

कर अधिकारी की शिकायत पर हुई कार्रवाई
यह पूरा मामला पंजाब के एक कर अधिकारी की शिकायत पर शुरू हुआ। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि सतर्कता विभाग के महानिदेशक कार्यालय में उनके खिलाफ एक शिकायत लंबित है। इस जांच को बंद करवाने और मामला रफा-दफा करने के बदले आरोपियों ने भारी-भरकम रिश्वत की मांग की थी।

ऐसे काम करता था यह सिंडिकेट
CBI के मुताबिक, मुक्तसर जिले के मलोट निवासी दो आरोपी इस पूरे खेल में मध्यस्थ (दलाल) की भूमिका निभा रहे थे। ये बिचौलिए कथित तौर पर रीडर ओ.पी. राणा और अन्य वरिष्ठ सतर्कता अधिकारियों के नाम पर वसूली कर रहे थे। उन्होंने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया था कि रिश्वत की राशि का भुगतान होते ही सतर्कता विभाग की जांच उनके पक्ष में सुलझ जाएगी।

CBI की बड़ी कार्रवाई और छापेमारी

  • गिरफ्तारी: सीबीआई ने जाल बिछाकर तीन आरोपियों को हिरासत में लिया है।
  • छापेमारी: सीबीआई की टीम ने कल देर रात मोहाली स्थित पंजाब सतर्कता ब्यूरो के कार्यालय पर भी छापा मारा, जिससे विभाग में हड़कंप मच गया।
  • फरार आरोपी: आरोपी रीडर ओ.पी. राणा गिरफ्तारी के डर से फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।

गहरा सकती है जांच की आंच
सीबीआई अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इस सिंडिकेट में क्या विभाग के कुछ और बड़े अधिकारी भी शामिल हैं। एजेंसी ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के इस व्यापक रैकेट में अन्य लोगों की संभावित संलिप्तता की भी गहन जांच की जा रही है।

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