पीलीभीत। अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सुधा प्रसाद के नेतृत्व में मंगलवार को जनपद के ग्राम बूंदी भूड़ में ‘नारी शक्ति वंदन’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को सांगठनिक रूप से महिला कांग्रेस से जोड़ना रहा, जिसके तहत बड़े पैमाने पर मिस्ड कॉल अभियान और महिलाओं का हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र की महिलाओं ने बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दर्ज कराई और कांग्रेस की नीतियों के प्रति अपनी एकजुटता प्रदर्शित की।
कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए राष्ट्रीय सचिव सुधा प्रसाद ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में देश की संसद द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम सर्वसम्मति से पारित किया गया था, लेकिन विडंबना यह है कि आज तक इसे धरातल पर लागू नहीं किया जा सका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिलाओं को उनका वास्तविक संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए इस कानून को बिना किसी देरी के शीघ्र लागू किया जाना चाहिए। भाजपा सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार देश की आधी आबादी के साथ न्याय नहीं कर रही है। उन्होंने संकल्प दोहराया कि महिला कांग्रेस इस कानून को लागू कराने के लिए अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी और आने वाले दिनों में एक व्यापक पोस्टकार्ड अभियान के माध्यम से सीधे प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर सरकार को इसे लागू करने के लिए बाध्य किया जाएगा।

इस दौरान उपस्थित ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी पीलीभीत के अध्यक्ष हरप्रीत सिंह चब्बा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास सदैव आम जनता, शोषितों और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का रहा है। पार्टी आगे भी पूरी मजबूती के साथ आधी आबादी के हितों की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक खड़ी रहेगी। इस राजनैतिक व सामाजिक चेतना के कार्यक्रम में जिला कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष पुष्पा गंगवार सहित रीमा, सरिता, शीतल, तारा देवी, कौसल्या देवी, मीरा देवी, राजकुमारी, मंजू देवी, इंद्रवती, उषा देवी, निर्मला देवी, निकिता देवी, गीता देवी, शिवानी, उर्मिला, विरंदावती, रीता कुमारी, सोनी, संगीता, नेहा कुमारी, लीला देवी, बसंती देवी, लक्ष्मी देवी, पुष्पा देवी, शीला देवी, नेहा, सोनी देवी, ज्ञानवती, बिंदु, सुधा, किरन देवी, कमला देवी, रीमा देवी, ममता देवी और देव कुमारी सहित बहुत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिलाएं मौजूद रहीं।