नई दिल्ली। देश में पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने देशव्यापी स्तर पर बड़ा कदम उठाया है। आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री प्रतापराव जाधव ने आज राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय आयुष मिशन (NAM) के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 से 2026-27 के दौरान देश के 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में नए आयुष शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है।

मध्य प्रदेश रहा सबसे आगे, मिले 6 नए कॉलेज

आधिकारिक सूची के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी, सिद्धा और सोवा-रिग्पा (तिब्बती चिकित्सा पद्धति) के नए सरकारी कॉलेजों को वित्तीय मंजूरी मिली है। इस मिशन के तहत मध्य प्रदेश सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरा है, जहां कुल 6 नए सरकारी आयुर्वेद कॉलेजों (शहडोल, नर्मदापुरम, बालाघाट, मोरेना, सागर और झाबुआ) की स्थापना को मंजूरी दी गई है।

मंजूर किए गए आयुष कॉलेजों की राज्यवार सूची (2014-15 से 2026-27):

  • आयुर्वेद कॉलेज: ओडिशा (मयूरभंज), गुजरात (सुरेंद्रनगर), असम (दुधनोई), चंडीगढ़ (मनी माजरा) और उत्तर प्रदेश (अयोध्या) में नए सरकारी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को हरी झंडी दी गई है।
  • होम्योपैथिक कॉलेज: जम्मू-कश्मीर (कठुआ), मणिपुर (केइराव), त्रिपुरा (पश्चिम त्रिपुरा), उत्तर प्रदेश (वाराणसी), हरियाणा (अंबाला कैंट) और उत्तराखंड (डोईवाला, देहरादून) में विशिष्ट होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्वीकृत किए गए हैं।
  • योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा: आंध्र प्रदेश (विशाखापत्तनम), कर्नाटक (मैसूर) और पश्चिम बंगाल (हावड़ा) में योग और प्राकृतिक चिकित्सा डिग्री कॉलेजों को मंजूरी मिली है।
  • यूनानी, सिद्धा और सोवा-रिग्पा: हरियाणा के नूंह (अकेरा) में यूनानी कॉलेज, तमिलनाडु (पिलानी) में सरकारी सिद्धा कॉलेज और सिक्किम (गंगटोक) व कर्नाटक (रामनगर जिला) में सोवा-रिग्पा संस्थानों को केंद्र का समर्थन मिला है।

क्या है फंडिंग का मॉडल?

चूंकि सार्वजनिक स्वास्थ्य मुख्य रूप से राज्य का विषय है, इसलिए इन कॉलेजों की स्थापना की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। लेकिन जिन राज्यों में सरकारी क्षेत्र में आयुष डॉक्टरों और कॉलेजों की कमी है, वहां आयुष मंत्रालय ‘राज्य वार्षिक कार्य योजना’ (SAAP) के माध्यम से प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर वित्तीय मदद देकर इस कमी को पूरा कर रहा है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Copyright © 2026 Adhunik Duniya | Owned by Akash Singh | Maintained by Lalit Rastogi