पीलीभीत। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जनपद के राजकीय मेडिकल कॉलेज में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं, छात्र-छात्राओं की सुरक्षा में चूक और पैरामेडिकल छात्राओं के शोषण के गंभीर आरोपों को लेकर जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने हाल ही में परिसर में हुई एक छात्र की दिनदहाड़े चाकू गोदकर की गई निर्मम हत्या की घटना पर गहरा रोष व्यक्त किया है। एबीवीपी का कहना है कि इस सनसनीखेज वारदात ने न केवल स्थानीय कानून-व्यवस्था की पोल खोल दी है, बल्कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था को भी पूरी तरह खोखला साबित कर दिया है। इस घटना के बाद से पूरे कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं, विशेषकर छात्राओं और पैरामेडिकल की छात्राओं में भारी डर, असुरक्षा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन में विद्यार्थी परिषद ने मेडिकल कॉलेज के भीतर सुरक्षा व्यवस्था की बदहाली को रेखांकित किया है। संगठन का आरोप है कि परिसर में पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं है और न ही निगरानी के पुख्ता इंतजाम हैं। इसके अलावा, पैरामेडिकल छात्राओं के लिए सुरक्षित और सुसज्जित छात्रावास (हॉस्टल) की कोई समुचित व्यवस्था तक नहीं है। छात्राओं ने यह भी शिकायत की है कि प्रैक्टिकल प्रशिक्षण के नाम पर उनसे डस्टिंग, साफ-सफाई और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्य कराए जाते हैं, जो उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा नहीं हैं और उनके सम्मान को ठेस पहुंचाते हैं। साथ ही, निर्धारित नियमों को ताक पर रखकर उनसे नियमित कर्मचारियों की तरह काम लिया जा रहा है, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने इन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिलाधिकारी के समक्ष कई मांगें रखी हैं। संगठन ने मांग की है कि छात्र की हत्या के मामले की निष्पक्ष व त्वरित जांच कर सभी दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही, मेडिकल कॉलेज परिसर में तत्काल पर्याप्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरों व प्रकाश व्यवस्था की दुरुस्ती, पैरामेडिकल छात्राओं के लिए सुरक्षित हॉस्टल की व्यवस्था, और छात्र-छात्राओं की समस्याओं के निस्तारण के लिए एक प्रभावी शिकायत निवारण समिति का गठन किया जाए। एबीवीपी ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि दो कार्य दिवस के भीतर इन मांगों पर लिखित आश्वासन और प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन छात्र हित में एक बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगा।

ज्ञापन देने वालों में जिला संयोजक आयुष मिश्रा, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य प्रिया शर्मा, अर्पित मौर्य, प्रमोद राजपूत, शुभम भारती, वंश मिश्रा एवं जिला संगठन मंत्री रौनक पाल उपस्थित रहे।